चंडीगढ़। हरियाणा में लगातार गिरते तापमान के बीच ठंड का असर और तेज होता जा रहा है। मंगलवार सुबह प्रदेश के अधिकांश जिलों में घनी धुंध छाई रही, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में दृश्यता शून्य तक पहुंच गई, जिससे सड़कों पर यातायात प्रभावित रहा। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल रहा है और शीतलहर की स्थिति बनी हुई है।
मौसम विभाग ने 24 दिसंबर से तापमान में और गिरावट की संभावना जताई है। इसके साथ ही कई जिलों में पाला जमने की चेतावनी भी दी गई है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। दक्षिण-पूर्वी दिशा से आ रही नमी वाली हवाओं के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिससे कोहरे की स्थिति बनी हुई है।
अब रात के साथ-साथ दिन में भी ठंड का असर महसूस किया जा रहा है। कोहरे के साथ चल रही बर्फीली हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। कई स्थानों पर शीत दिवस जैसे हालात बन गए हैं। प्रदेश में पहली बार दिन का अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है।
कुरुक्षेत्र और भिवानी में दृश्यता शून्य
कुरुक्षेत्र में सुबह 8 बजे तक दृश्यता शून्य बनी रही, जिसके चलते वाहन रेंग-रेंग कर चलते नजर आए और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रही। यहां 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली शीतलहर ने ठंड और बढ़ा दी। जिले में अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, भिवानी में भी मंगलवार सुबह घनी धुंध के कारण दृश्यता शून्य रही।
आगे ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मौसम फिलहाल शुष्क बना रहेगा, जबकि सुबह के समय कोहरा छाया रहेगा। 24 दिसंबर से उत्तरी बर्फीली हवाओं के चलने से प्रदेश में कड़ाके की सूखी ठंड, शीतलहर और पाला जमने की संभावना है। 29 दिसंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।