सोनीपत। शराबबंदी वाले राज्यों में अवैध शराब की सप्लाई कर भारी मुनाफा कमाने की मंशा से सक्रिय शराब माफिया के एक बड़े और संगठित नेटवर्क का सोनीपत सीआईए-1 और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान पंजाब से बिहार की ओर जा रहे एक ट्रक से चावल के कट्टों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही 1090 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की गई। पुलिस ने ट्रक चालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया है।
सीआईए-1 प्रभारी बीर सिंह ने बताया कि एएसआई विजेयश्वर अपनी टीम के साथ गोहाना रोड बाइपास पर गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि पंजाब से पानीपत होते हुए दिल्ली की ओर जा रहे एक ट्रक में भारी मात्रा में अवैध शराब छिपाकर ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने भिगान टोल प्लाजा के पास दिल्ली जाने वाले मार्ग पर नाकाबंदी की और आबकारी विभाग को भी इसकी जानकारी दी।
नाकाबंदी के दौरान पानीपत की ओर से आए ट्रक को रोककर जांच की गई। चालक ने अपनी पहचान गांव खेवड़ा निवासी दीपक उर्फ दीपू के रूप में बताई और दावा किया कि ट्रक में चावल लदा हुआ है, जिसे मध्य प्रदेश के सतना ले जाया जा रहा है। उसने चावल से संबंधित बिल्टी भी दिखाई, जिसमें 23,450 किलोग्राम चावल के 938 बैग दर्ज थे।
हालांकि पुलिस को संदेह होने पर ट्रक का तिरपाल हटाकर गहन जांच की गई। जांच में ट्रक के पीछे की ओर चावल के कट्टे रखे मिले, जबकि आगे की ओर चावल की आड़ में बड़ी संख्या में शराब की पेटियां छिपाई गई थीं। चालक से शराब से संबंधित लाइसेंस, बिल और परमिट मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
आबकारी निरीक्षक की मौजूदगी में की गई गिनती में रॉयल स्टैग और इम्पीरियल ब्लू ब्रांड की कुल 1090 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसमें बोतल, अध्धा और पाव तीनों तरह की शराब शामिल थी।
पूछताछ में चालक ने बताया कि यह ट्रक गांव सिसाना निवासी नान्हा का है और उसे निर्देश दिए गए थे कि पूछताछ होने पर केवल चावल होने की बात बताए। इस मामले में थाना मुरथल में आबकारी अधिनियम और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि बरामद शराब बिहार ले जाई जा रही थी, जहां शराबबंदी के कारण इसकी कीमत कई गुना अधिक है। शराब की पेटियों पर ‘सेल फॉर पंजाब’ अंकित था। आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर ललित कुमार ने बताया कि शराब पंजाब के मोहाली स्थित साहिबजादा अजीत सिंह नगर से लोड की गई थी। अब जांच का दायरा बढ़ाकर शराब माफिया के पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और आर्थिक लेनदेन की गहराई से पड़ताल की जा रही है।