झज्जर । मार्च 2019 में रेवाड़ी जिले के गांव लिसाना में गंदे पानी की नाली को लेकर हुए विवाद में दो सगे भाइयों की चाकू मारकर हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने दो मुख्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर 26-26 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अदालत में दिए गए फैसले के अनुसार, दोषी करार दिए गए आरोपियों ने आपसी रंजिश और लंबे समय से चले आ रहे विवाद के चलते वारदात को अंजाम दिया था। शिकायतकर्ता गांव लिसाना निवासी हंसराज ने पुलिस को बताया था कि उनके ताऊ के लड़के धर्मबीर और कमल का गांव के ही राजेंद्र के परिवार के साथ नाली के पानी को लेकर पहले भी कई बार झगड़ा हो चुका था।
शिकायत के मुताबिक, 30 मार्च 2019 को सुबह करीब साढ़े दस बजे दिनेश और देवेन्द्र उर्फ ढिल्लू ने अपने परिजनों के साथ मिलकर धर्मबीर और कमल से झगड़ा शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि देवेन्द्र उर्फ ढिल्लू ने दोनों भाइयों पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर दिए। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे परिजनों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन हमले में चाचा सत्यवान को भी दोनों हाथों में गंभीर चोटें आईं। वहीं, शिकायतकर्ता पर भी चाकू से हमला करने का प्रयास किया गया।
घटना के बाद घायल धर्मबीर और कमल को तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सदर रेवाड़ी पुलिस ने हत्या और मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपियों दिनेश और देवेन्द्र उर्फ ढिल्लू के अलावा उनके परिवार की महिला सदस्यों को भी गिरफ्तार किया था।
जांच पूरी होने के बाद सदर थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने दिनेश और देवेन्द्र उर्फ ढिल्लू को धर्मबीर व कमल की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।