ऊना गोलीकांड पर सियासी घमासान : सतपाल रायज़ादा का बड़ा बयान —मेरे पास पुख्ता सबूत, कोर्ट तक जाएगा मामला
Una, Rakesh-:हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में हुए गोलीकांड के बाद राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इस मामले ने अब कानून-व्यवस्था से आगे बढ़कर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी जुबानी जंग का रूप ले लिया है। भाजपा विधायक सतपाल सत्ती और कांग्रेस के पूर्व विधायक सतपाल रायज़ादा आमने-सामने आ गए हैं। गोलीकांड के बाद भाजपा विधायक सतपाल सत्ती द्वारा पूर्व विधायक सतपाल रायज़ादा और उनके होटल को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों ने राजनीतिक विवाद को और हवा दे दी है।
भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने मीडिया के सामने बयान देते हुए गोलीकांड को सतपाल रायज़ादा के होटल से जोड़ते हुए कई सवाल खड़े किए थे। इन आरोपों के बाद कांग्रेस के पूर्व विधायक सतपाल रायज़ादा ने तत्काल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सतपाल सत्ती पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने साफ कहा था कि यदि 15 दिनों के भीतर उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब नहीं दिया गया, तो वह कानूनी रास्ता अपनाएंगे।सोमवार को पूर्व विधायक सतपाल रायज़ादा ने एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि तय समय सीमा के भीतर भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने उन्हें लिखित जवाब भेजा है। हालांकि, इस जवाब में सतपाल सत्ती ने उनके होटल को लेकर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया है। रायज़ादा ने कहा कि यह जवाब पूरी तरह से उनके सार्वजनिक बयानों के विपरीत है।
सतपाल रायज़ादा ने कहा कि भाजपा विधायक ने मीडिया के सामने उनके होटल को लेकर गंभीर और संगीन आरोप लगाए थे, जिनकी रिकॉर्डिंग और अन्य सबूत उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे ठोस साक्ष्य हैं, जिनके आधार पर यह साबित किया जा सकता है कि सतपाल सत्ती ने सार्वजनिक मंच से उनके खिलाफ बयान दिए थे। रायज़ादा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब यह मामला अदालत तक ले जाया जाएगा और कोर्ट के सामने पूरी सच्चाई रखी जाएगी।पूर्व विधायक ने कहा कि वह किसी भी दबाव में नहीं आएंगे और न्याय के लिए अंतिम लड़ाई तक जाएंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा विधायक अब अपने ही बयानों से मुकर रहे हैं, जो यह साबित करता है कि उनके आरोप राजनीति से प्रेरित थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सतपाल रायज़ादा ने जिला प्रशासन के रवैये पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ऊना गोलीकांड के बाद प्रशासन का व्यवहार आम जनता और व्यापारियों के प्रति कठोर हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा जारी किए गए सख्त आदेशों का सीधा असर व्यापारियों के कारोबार पर पड़ा है।रायज़ादा ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर उपायुक्त ऊना से बातचीत की थी और व्यापारियों के साथ बैठक करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि बातचीत के बाद कुछ हद तक समाधान निकला है और जेल रोड के बाहर खड़े वाहनों के चालान अब नहीं किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस का काम अपराधियों में डर पैदा करना है, न कि आम जनता को भयभीत करना।
पूर्व विधायक ने पुलिस अधिकारियों को भी नसीहत देते हुए कहा कि उनका व्यवहार जनता के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक होना चाहिए। साथ ही उन्होंने उपायुक्त ऊना को सख्त शब्दों में चेतावनी दी कि भाजपा विधायक सतपाल सत्ती को प्रशासन द्वारा अलॉट की गई सरकारी दुकान के मामले में अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।
सतपाल रायज़ादा ने आरोप लगाया कि यह दुकान नियमों के खिलाफ किसी अन्य व्यक्ति को सबलेट की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच को लेकर उन्होंने पहले ही प्रशासन से जवाब मांगा था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई या रिपोर्ट सामने नहीं आई है। उन्होंने जिला प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि तय समय के भीतर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और यह बताया जाए कि नियमों के तहत क्या कार्रवाई की गई है या की जाएगी।
पूर्व विधायक ने यह भी दावा किया कि यह केवल एक दुकान का मामला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े कई लोगों ने सरकारी दुकानों के आवंटन में नियमों का उल्लंघन किया है। रायज़ादा ने कहा कि उन्होंने आरटीआई के माध्यम से इससे जुड़े दस्तावेज हासिल किए हैं और जल्द ही पूरे तथ्यों के साथ इस कथित फर्जीवाड़े का खुलासा करेंगे।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, तो वह आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। सतपाल रायज़ादा ने साफ किया कि यह लड़ाई केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों और पारदर्शिता के लिए है।