नई दिल्ली। तेलंगाना में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़े भ्रष्टाचार मामले का पर्दाफाश करते हुए महबूबनगर जिले के डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मूद किशन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का केस दर्ज किया है। जांच के दौरान सामने आई संपत्तियों की मात्रा और मूल्य ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है।
11 ठिकानों पर छापेमारी, अरबों की संपत्ति का पता
एसीबी ने मूद किशन और उसके करीबी सहयोगियों से जुड़े कुल 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। दस्तावेजों के अनुसार जब्त संपत्तियों की कीमत 12.72 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि बाजार मूल्य के हिसाब से इनकी कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
31 एकड़ कृषि भूमि की कीमत 62 करोड़ तक
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अधिकारी के नाम 31 एकड़ कृषि भूमि दर्ज है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 62 करोड़ रुपये है। इसके अलावा निजामाबाद में स्थित लहरी इंटरनेशनल होटल में उसकी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी भी पाई गई है। साथ ही 3,000 वर्ग गज में फैला एक प्रीमियम फर्नीचर शोरूम भी उसके निवेश पोर्टफोलियो में शामिल है।
नकदी, सोना और लग्जरी गाड़ियां बरामद
एसीबी ने छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, बैंक बैलेंस और कीमती सामान भी जब्त किया है। जांच एजेंसी ने 1.37 करोड़ रुपये का बैंक बैलेंस फ्रीज किया है, जबकि एक किलो से अधिक सोने के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा इनोवा क्रिस्टा और होंडा सिटी जैसी महंगी गाड़ियां भी आरोपी के पास पाई गईं।
सीमित वेतन, असीमित संपत्ति
सूत्रों के अनुसार, डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर जैसे पद पर कार्यरत अधिकारी का मासिक वेतन लगभग एक से सवा लाख रुपये होता है। ऐसे में इतनी विशाल संपत्ति का सामने आना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
एसीबी की जनता से अपील
इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद एसीबी ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी शिकायत तुरंत दर्ज कराएं। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसके लिए टोल-फ्री नंबर 1064 और व्हाट्सएप नंबर 9440446106 जारी किया गया है।