Dharamshala, Rahul-:कांगड़ा वैली कार्निवल के अंतर्गत आयोजित धर्मशाला मैराथन उस समय विवादों में घिर गई, जब पंजीकरण कराने के बावजूद कुछ प्रतिभागियों को दौड़ में शामिल होने से रोक दिया गया। इस घटना से आक्रोशित सात प्रतिभागियों ने ट्रैक पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया और आयोजन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
प्रतिभागियों का कहना है कि उन्होंने मैराथन के लिए समय रहते ऑनलाइन पंजीकरण करवाया था और निर्धारित शुल्क भी जमा किया था। इसके बावजूद दौड़ के दिन उनका नाम प्रतिभागियों की सूची में नहीं पाया गया। उनका आरोप है कि आयोजकों की ओर से न तो पहले कोई सूचना दी गई और न ही मौके पर कोई स्पष्ट जवाब मिला, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान होना पड़ा।प्रतिभागियों ने बताया कि वे विभिन्न क्षेत्रों से सुबह लगभग चार बजे धर्मशाला पहुंचे थे, ताकि समय पर दौड़ में भाग ले सकें। लेकिन आयोजन स्थल पर पहुंचने के बाद जब उन्हें दौड़ में शामिल नहीं होने दिया गया, तो उन्होंने बार-बार आयोजकों से संपर्क किया। बावजूद इसके, उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया। मजबूर होकर उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए ट्रैक पर बैठने का फैसला किया।
प्रदर्शन कर रहे प्रतिभागियों का कहना है कि मीडिया के हस्तक्षेप के बाद आयोजकों ने शुल्क वापसी की पेशकश की, लेकिन उनका उद्देश्य पैसे वापस लेना नहीं, बल्कि मैराथन में भाग लेना था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वे अपनी शिकायत उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखना चाहते थे, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।गौरतलब है कि प्रशासन और आयोजकों की ओर से बड़े स्तर पर आयोजित इस मैराथन में हजारों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इतनी व्यापक व्यवस्थाओं के बावजूद कुछ प्रतिभागियों को दौड़ से वंचित क्यों रहना पड़ा। समाचार लिखे जाने तक आयोजकों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।