Mandi, Dharamveer-:हिमाचल प्रदेश में 108 एवं 102 एम्बुलेंस सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदेश सरकार और जीवीके ईएमआरआई कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने मंडी में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और सरकार से सवाल किया कि व्यवस्था परिवर्तन की बात करने वाली सरकार उन्हें उनका हक क्यों नहीं दिला पा रही है।
सरकार पर कोर्ट आदेश न मानने का आरोप
प्रदेश भर के सभी 108 और 102 एम्बुलेंस कर्मचारी 48 घंटे की हड़ताल पर हैं, जिससे आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। मरीजों को मजबूरी में निजी वाहनों या निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ रहा है।108 एवं 102 एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान सुमित ठाकुर ने बताया कि 25 दिसंबर 2010 को प्रदेश में एम्बुलेंस सेवाएं शुरू हुई थीं और कर्मचारियों को इन सेवाओं में काम करते हुए 15 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इसके बावजूद आज भी उनका वेतन 15 हजार रुपये तक नहीं पहुंच पाया है। वर्तमान में कई कर्मचारी मात्र 11,700 रुपये में परिवार चलाने को मजबूर हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा श्रम कानूनों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। 8 घंटे की ड्यूटी के नाम पर कर्मचारियों से 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है, लेकिन न तो समय पर वेतन दिया जा रहा है और न ही ओवरटाइम का भुगतान किया जाता है।
कर्मचारियों के पक्ष में कोर्ट के आदेश आने के बावजूद प्रदेश सरकार उन्हें लागू करवाने में असफल रही है।सुमित ठाकुर ने कहा कि कोरोना काल में कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं दीं, लेकिन सरकार ने आज तक उनके हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने प्रदेश के राजस्व मंत्री द्वारा संविधान की बात करने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों के शोषण पर संविधान के प्रावधानों के तहत कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे मजबूरी में और उग्र कदम उठाने को विवश होंगे।