बहादुरगढ़ | कुंडली–मानेसर–पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के समानांतर पलवल से सोनीपत तक प्रस्तावित हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) परियोजना में बड़ा विलंब सामने आया है। अब यह रेल कॉरिडोर तय समय 2027 के बजाय 2029 में पूरा होगा। देरी के साथ-साथ परियोजना की लागत भी लगभग दोगुनी हो गई है।
शिलान्यास के समय इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 5,618 करोड़ रुपये तय की गई थी, जो अब बढ़कर 11,709 करोड़ रुपये हो गई है। परियोजना के संशोधित लागत अनुमान को हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सैनी की मंजूरी मिल चुकी है। फिलहाल यह प्रस्ताव बजट स्वीकृति के लिए रेल मंत्रालय को भेजा गया है।
निर्माण कार्य और बढ़ी हुई लागत को पूरा करने के लिए हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (HRIDC) ने वित्तीय संसाधन जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निगम द्वारा 386 करोड़ रुपये की इक्विटी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी की जा रही है, जिसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया गया है। इसके साथ ही परियोजना के तहत बनने वाले पुलों और अन्य संरचनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि इस रेल कॉरिडोर की आधारशिला 27 अक्टूबर 2022 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मौजूदगी में रखी थी। उस समय परियोजना को पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था।
यह परियोजना भविष्य में माल परिवहन की रीढ़ मानी जा रही है। इसके पूरा होने से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और हरियाणा व एनसीआर क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।