फगवाड़ा | फगवाड़ा में कानून व्यवस्था का हाल इस कदर बिगड़ चुका है कि सरकारी सिविल अस्पताल तक हिंसा का मैदान बन गया है। मारपीट के एक मामले में जख्मी हालत में भर्ती दो भाइयों पर कथित तौर पर बरनाला से आए कुछ युवकों ने अस्पताल के भीतर खुलेआम हमला कर दिया। इस दौरान मारपीट और गुंडागर्दी का पूरा दृश्य अस्पताल के सी.सी.टी.वी. कैमरों में कैद हो गया।
वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि किस तरह अस्पताल के एक काउंटर पर मौजूद जख्मी भाइयों पर युवकों की टोली ने बेरहमी से हमला किया। इस घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद अन्य रोगी और लोग खौफजदा रहे, और कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ लगाई।
सिविल अस्पताल क्यों बार-बार हिंसा का केंद्र बन रहा है?
स्थानीय लोग और मरीज सवाल कर रहे हैं कि फगवाड़ा का सरकारी अस्पताल बार-बार हिंसा का दृश्य क्यों बनता है। बीते कुछ दिनों में अस्पताल में कई मारपीट के मामले सामने आ चुके हैं, जबकि यहाँ 24 घंटे पुलिस गार्ड की तैनाती रहती है। लोगों का आरोप है कि अस्पताल की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस गार्ड केवल दिखावे के लिए हैं, क्योंकि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि फगवाड़ा का सिविल अस्पताल जंगल राज से भी बदतर हालात में पहुँच चुका है, जहां जख्मी मरीजों पर हमला आम बात बन गया है। उन्होंने पंजाब मानवाधिकार आयोग, पंजाब सरकार, डी.जी.पी. पंजाब पुलिस, एस.एस.पी. कपूरथला और जिलाधीश से मांग की है कि वे अस्पताल में रोगियों पर हो रही हिंसा का कड़ा संज्ञान लें।
अस्पताल में हुई इस गुंडागर्दी और मारपीट को लेकर अब तक फगवाड़ा पुलिस ने किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।