चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हाई पावर परचेज कमेटी (HPPC) की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश की बिजली आपूर्ति, आगामी पावर खरीद रणनीति और उपभोक्ताओं को राहत देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) के प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल रहे।
सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य फोकस गर्मी और मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना रहा। इसके तहत अल्पकालिक और दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों, खुले बाजार से पावर खरीद, और मांग–आपूर्ति के संतुलन पर मंथन किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में किसी भी स्थिति में बिजली संकट न उत्पन्न हो और उद्योगों, किसानों तथा घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने, सौर और पवन ऊर्जा से बिजली खरीद बढ़ाने, तथा थर्मल पावर प्लांट्स की उत्पादन क्षमता की समीक्षा भी की गई। इसके साथ ही बिजली खरीद की लागत कम रखने और वितरण कंपनियों पर वित्तीय बोझ घटाने के उपायों पर विचार किया गया, ताकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार न पड़े।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश की प्राथमिकता सस्ती, टिकाऊ और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति है। उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया अपनाने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समय पर पावर परचेज फैसले लेने के निर्देश दिए। बैठक में बिजली बिलों में संभावित राहत, तकनीकी नुकसान (लाइन लॉस) कम करने और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बताया जा रहा है कि हाई पावर परचेज कमेटी की सिफारिशों के आधार पर जल्द ही बिजली खरीद से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे, जिससे हरियाणा में आने वाले समय में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है।