पंचकूला | कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना के खिलाफ रणनीति तैयार करने वाले पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल (सेवानिवृत्त) वी.पी. मलिक के निवास क्षेत्र पंचकूला के सेक्टर-6 में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक तेंदुआ रिहायशी इलाके में घुस आया। यह पॉश और हाई-प्रोफाइल सेक्टर माना जाता है, जहां पुलिस मुख्यालय सहित कई अहम सरकारी कार्यालय भी स्थित हैं।
दोपहर करीब 1:30 बजे तेंदुआ सेक्टर में दिखाई दिया और शाम चार बजे तक एक के बाद एक कई मकानों में घुसता रहा। करीब ढाई घंटे तक तेंदुए की गतिविधियों से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना रहा, लेकिन वन विभाग की टीम उसे ट्रेस नहीं कर सकी।
पूर्व सेनाध्यक्ष वीपी मलिक की कोठी से सटी एक निर्माणाधीन कोठी में तेंदुआ करीब दो घंटे तक मौजूद रहा। उस दौरान निर्माण कार्य में लगे मजदूर जान बचाने के लिए छत पर चढ़ गए। प्रशासनिक टीम ने सीढ़ी लगाकर मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला।
घर के भीतर से गुजरा तेंदुआ, लोग दहशत में
सेक्टर-6 के मकान नंबर 273 में रहने वाले विमल जोशी की पत्नी ने तेंदुए को बेहद नजदीक से देखने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि वह लॉबी में टहल रही थीं, तभी तेंदुआ उनके पास से गुजर गया। उनके मुताबिक तेंदुआ थका हुआ और हांफता हुआ नजर आ रहा था। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने घरों में दुबककर दरवाजे-खिड़कियां बंद कर लीं।
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन शुरुआती रेस्क्यू टीम के पास ट्रैंक्विलाइजर गन न होने को लेकर सवाल खड़े हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण तेंदुए को समय रहते काबू नहीं किया जा सका और खतरा बढ़ता गया।
बाद में वन विभाग ने ड्रोन की मदद से तेंदुए की तलाश शुरू की। सीसीटीवी कैमरों में भी तेंदुए की मूवमेंट कैद होने की पुष्टि हुई है। सुरक्षा के मद्देनज़र सेक्टर-4, 6, 8, 9, 12, 17 और कैंटोनमेंट क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। लोगों से घरों में रहने, बच्चों और पालतू जानवरों को सुरक्षित रखने की अपील की गई है। संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।
कारगिल युद्ध के नायक रहे हैं वीपी मलिक
गौरतलब है कि जनरल वी.पी. मलिक 1997 से 2000 तक भारतीय सेना के 18वें सेनाध्यक्ष रहे। वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने ‘ऑपरेशन विजय’ की योजना बनाई और उसका नेतृत्व किया, जिससे पाकिस्तानी घुसपैठ को नाकाम किया गया।
तेंदुए की तलाश अब भी जारी है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।