करनाल | हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र ने करनाल में अरावली पर्वतमाला से जुड़े हालिया सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। राव नरेंद्र ने स्पष्ट कहा कि अरावली सिर्फ पहाड़ों की श्रृंखला नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है, जिसे किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं पहुंचने दिया जा सकता।
अरावली फैसले पर राव नरेंद्र का रुख
राव नरेंद्र ने कहा कि उनका गृह जिला महेंद्रगढ़ भी अरावली क्षेत्र में आता है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय ने पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों को राहत दी है। राव नरेंद्र ने सरकार से आग्रह किया कि पर्यावरण के खिलाफ कोई भी निर्णय या नीति लागू न हो। उन्होंने केंद्र सरकार से पूर्व फैसलों का पुनर्मूल्यांकन और माफी मांगने की भी मांग की। राव नरेंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से और अधिक सख्ती बरतने का अनुरोध किया ताकि पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा, “देश और प्रदेश के हर संवेदनशील नागरिक इस मुद्दे को लेकर चिंतित हैं। राजस्थान में भी हजारों लोग सड़क पर उतरकर अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। कांग्रेस इस विषय पर गंभीर है और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।”
मनरेगा पर कांग्रेस का आक्रामक रुख
राव नरेंद्र ने मनरेगा पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने रोजगार की गारंटी के लिए मनरेगा कानून बनाया था, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे कमजोर कर दिया। बीते 11 वर्षों में इस योजना को लागू करने में ठोस कदम नहीं उठाए गए और इसे धीरे-धीरे खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने घोषणा की कि किसानों के काले कानूनों के खिलाफ संघर्ष की तरह, अब मनरेगा को बचाने के लिए भी कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी। इस कड़ी में 5 जनवरी से देशव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जिला शहरी अध्यक्ष और सद्भावना यात्रा
राव नरेंद्र ने जिला शहरी अध्यक्ष पराग बाबा के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं दी और बताया कि इस अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सद्भावना यात्रा के बारे में राव नरेंद्र ने कहा कि फिलहाल कांग्रेस आलाकमान की ओर से कोई औपचारिक निर्देश नहीं आया है। हालांकि, इच्छुक कार्यकर्ता इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं।