Shimla, Sanju-:शिमला के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में हाल ही में सामने आए डॉक्टर–मरीज विवाद के बाद अस्पताल प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रशासन अब न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर ध्यान दे रहा है, बल्कि अस्पताल आने वाले लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक कर रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को अस्पताल परिसर में ‘हर दिन सेहत अभियान’ के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम के तहत मरीजों, उनके तीमारदारों और जांच के लिए आने वाले लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक जानकारियां दी गईं। साथ ही उन्हें अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, मरीजों के अधिकारों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े नियमों के बारे में भी अवगत कराया गया। यह अभियान अपने एक वर्ष पूरे कर चुका है, जिसे IGMC प्रशासन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।अभियान के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर अस्पताल परिसर में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. राहुल राव ने की।
बैठक के दौरान डॉ. राहुल राव ने इस अभियान से जुड़े सभी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘हर दिन सेहत अभियान’ का उद्देश्य केवल मरीजों का इलाज करना नहीं, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना भी है।डॉ. राहुल राव ने बताया कि इस अभियान के तहत प्रतिदिन अस्पताल आने वाले लोगों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एकत्र की जाती है, जिससे उनकी जरूरतों को बेहतर तरीके से समझा जा सके। इसमें सभी विभागों के डॉक्टरों के साथ-साथ अस्पताल का पूरा स्टाफ सक्रिय रूप से भाग लेता है।निरंतर प्रयास, टीमवर्क और समर्पण के चलते यह अभियान प्रभावी साबित हुआ है। एक वर्ष की सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सामूहिक प्रयासों से न केवल अस्पताल का माहौल बेहतर बनाया जा सकता है, बल्कि समाज के स्वास्थ्य स्तर में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है.