नई दिल्ली। नववर्ष 2026 का आगमन देशभर में श्रद्धा, भक्ति और जयघोष के साथ हुआ। साल के पहले दिन पहाड़ से लेकर मैदान और समुद्र तटों तक नहीं, बल्कि देश के प्रमुख मंदिरों और तीर्थस्थलों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने देवी-देवताओं के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, महाकाल, वैष्णो देवी, हरमंदिर साहिब, खाटूश्याम और वृंदावन सहित देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर तड़के सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालु सुबह पांच बजे से मंदिर परिसर में पहुंचने लगे, जिसके चलते दर्शन समय से पहले शुरू करना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आठ कतारों से दर्शन कराए गए और दोपहर में भी मंदिर के पट बंद नहीं किए गए। दिन के अंत तक यहां तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
काशी में बाबा विश्वनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ा, जहां सुबह चार बजे से रात 11 बजे तक करीब 5.50 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। वहीं, मीरजापुर के मां विंध्यवासिनी धाम में रात 12 बजे तक करीब 3.50 लाख भक्तों ने पूजा-अर्चना की। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में नववर्ष की पहली सुबह भस्म आरती के साथ शुरू हुई, जहां तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन किए।
मथुरा-वृंदावन, गोवर्धन और बरसाना में भी श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर रही। चित्रकूट के कामतानाथ धाम में लगभग दस लाख श्रद्धालुओं ने कामदगिरि परिक्रमा कर नववर्ष की शुरुआत की। जम्मू-कश्मीर में त्रिकुटा पर्वत स्थित मां वैष्णो देवी के भवन तक हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के बीच एक से डेढ़ किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं।
हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों—नयना देवी, चिंतपूर्णी, ज्वालामुखी, चामुंडा और बज्रेश्वरी—में भी भक्तों की भारी भीड़ रही। राजस्थान में खाटूश्याम जी, नाथद्वारा, मेहंदीपुर बालाजी, गोविंद देवजी और त्रिनेत्र गणेश मंदिरों में दिनभर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। बुंदेलखंड की धार्मिक नगरी ओरछा में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री रामराजा सरकार के दर्शन किए।
श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सुविधाओं के विशेष इंतजाम किए थे। पूरे देश में धार्मिक स्थलों पर उत्सव जैसा माहौल रहा और लोगों ने आस्था, अनुशासन और उत्साह के साथ नववर्ष 2026 की शुरुआत की।