सोनीपत। टांडा गांव में महाराणा प्रताप की प्रतिमा से नाम पट्टिका हटाने को लेकर हुई पंचायत अचानक झगड़े में बदल गई। इस विवाद में सरपंच राजेश और उनके पांच साथियों पर हमला करने के आरोप में राई थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
मामला 30 दिसंबर को वायरल हुई एक वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें बताया गया कि प्रतिमा के चबूतरे पर लगी नाम पट्टिका हटाई गई थी। वीडियो में गांव के ही प्रहलाद को दोषी दिखाने की कोशिश की गई। करणी सेना के दीपक चौहान के आग्रह पर 31 दिसंबर को पंचायत बुलाई गई, जिसमें प्रहलाद, सरपंच राजेश और कई अन्य लोग शामिल हुए।
पंचायत के दौरान आरोप है कि सरपंच और उनके साथियों ने प्रहलाद, उसके पिता और भाई पर हमला कर दिया। पीड़ित पक्ष की शिकायत के बाद पुलिस ने सरपंच राजेश, रामलाल, संदीप, सुरेश और प्रकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रहलाद ने दावा किया कि प्रतिमा की पट्टिका स्वयं सरपंच ने हटवाकर उन्हें बदनाम करने के लिए वीडियो बनवाया। पुलिस ने उन युवकों के बयान भी दर्ज किए, जिन्होंने सरपंच के कहने पर पट्टिका हटाई थी।
वहीं, सरपंच राजेश का कहना है कि पूरा मामला राजनीतिक दबाव और प्रेरणा से भरा है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने विरोध करने पहुंचे तो पहले से मौजूद लोगों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने अपने और साथियों के चोटिल होने का हवाला देते हुए कहा कि उनकी शिकायत पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की जा रही।
इस घटना ने टांडा गांव में हड़कंप मचा दिया है और इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस जांच जारी है और मामले में सभी पक्षों से बयान लिए जा रहे हैं।