बीजिंग | चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के तहत देश के एक शीर्ष सरकारी अधिकारी लाई शियाओमिन को मौत की सजा सुनाई गई। लाई शियाओमिन, जो हुआरोंग एसेट मैनेजमेंट कंपनी के पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ अधिकारी थे, पर सरकारी धन का गबन, रिश्वतखोरी और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप था।
जांच में पता चला कि उनके कई अपार्टमेंट्स से लगभग 13.5 टन नकदी, करोड़ों डॉलर की विदेशी मुद्रा, महंगी संपत्तियां और लक्ज़री वाहन बरामद हुए। ये संपत्तियां अलग-अलग फ्लैट्स में छिपाई गई थीं और इसे चीन में अब तक की सबसे बड़ी नकद बरामदगी माना जा रहा है।
अदालत ने कहा कि 2009 से 2018 के बीच लाई शियाओमिन ने सरकारी ठेकों और वित्तीय फैसलों में निजी कंपनियों को अवैध लाभ पहुँचाने के बदले अरबों युआन की रिश्वत ली। उनके इस कृत्य को अत्यंत गंभीर आर्थिक अपराध माना गया। चीनी सर्वोच्च अदालत ने भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के लिए उन्हें फांसी की सजा सुनाई और कहा कि अपराध की गंभीरता के चलते किसी भी तरह की नरमी असंभव थी।
इस फैसले को चीन के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का प्रतीक माना जा रहा है। इससे यह संदेश गया है कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग भी कानून से ऊपर नहीं हैं। चीनी मीडिया के अनुसार, यह मामला देश में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का उदाहरण बन गया है और भविष्य में सरकारी अधिकारियों के लिए एक चेतावनी के रूप में काम करेगा।