फिल्लौर | कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई एक बार फिर सुर्खियों में हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एन.आई.ए.) द्वारा दाखिल ताजा चार्जशीट में बिश्नोई को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे किए गए हैं। एन.आई.ए. का दावा है कि लॉरेंस न केवल संगठित अपराध गिरोह का सरगना है, बल्कि उसके संबंध खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों से भी हैं। चार्जशीट में पंजाब के पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या, अभिनेता सलमान खान के घर पर फायरिंग और महाराष्ट्र के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों में बिश्नोई गैंग की भूमिका बताई गई है।
एन.आई.ए. के मुताबिक, लॉरेंस का नेटवर्क देश-विदेश तक फैला हुआ है और गैंग में लगभग 700 शूटर शामिल हैं, जो किसी भी वारदात को अंजाम देने में सक्षम हैं। एजेंसी का कहना है कि कई मामलों में निर्देश जेल से या गैंग के नेटवर्क के जरिए बाहर भेजे गए।
वहीं, लॉरेंस के वकीलों का दावा है कि उनके क्लाइंट लंबे समय से जेल में बंद हैं और उनके पास मोबाइल फोन नहीं है। वकीलों ने अदालत में यह तर्क दिया कि सोशल मीडिया और इंटरव्यू में दिखाई गई सामग्री किसी और द्वारा तैयार की गई है, और लॉरेंस को जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है।
लॉरेंस बिश्नोई के वकील यह भी बताते हैं कि वह जेल में ब्रह्मचारी जीवन व्यतीत कर रहे हैं, नियमित योग और ध्यान करते हैं, फल, दूध और दही पर निर्भर हैं, और अपने मामलों की फाइलें खुद पढ़ते हैं।
एन.आई.ए. का कहना है कि मामले की गंभीरता राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है। फिलहाल चार्जशीट के आरोप और बचाव पक्ष के दावे अदालतों में विचाराधीन हैं। एजेंसी आने वाले समय में बाबा सिद्दीकी हत्याकांड सहित अन्य मामलों में भी चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।