चंडीगढ़ | उद्योग और विकास के नजरिये से अंबाला शहर अब एक नई ऊंचाई की ओर बढ़ने जा रहा है। अंबाला शहर विधानसभा क्षेत्र में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) के निर्माण को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अंतिम स्वीकृति दे दी है। पूर्व राज्य मंत्री असीम गोयल के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने के साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, रोजगार और आधारभूत विकास के नए रास्ते खुल गए हैं। सरकार की मंजूरी के बाद किसानों और आम लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
हाल ही में अंबाला के किसानों और मुख्यमंत्री नायब सैनी के बीच हुई बैठक सफल रही, जिसमें IMT को लेकर लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता दूर हो गई। पूर्व मंत्री असीम गोयल के प्रयासों से सरकार और किसानों के बीच समन्वय स्थापित हुआ, जिसके लिए ‘लैंड एग्रीगेटर’ के रूप में परमजीत सिंह को नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि कई दौर की बातचीत के बाद सरकार ने IMT के लिए जमीन देने वाले किसानों को 1.55 करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने पर सहमति दी है।
प्रारंभिक चरण में IMT करीब 1020 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी। इसमें गांव नग्गल की लगभग 350 एकड़, गांव नडियाली की करीब 413 एकड़ और गांव खैरा की 88 एकड़ जमीन शामिल है। इस परियोजना के शुरू होने से न केवल क्षेत्र में बड़े उद्योग स्थापित होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
जिन किसानों ने अपनी भूमि IMT के लिए पोर्टल पर अपलोड की है, उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है। किसानों का कहना है कि इस परियोजना से क्षेत्र का आर्थिक नक्शा बदलेगा और युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही, किसानों ने इस फैसले को सरकार की विकासोन्मुख सोच का प्रतीक बताया।
IMT को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से सियासत भी चल रही थी। अब परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद किसान विपक्ष पर निशाना साध रहे हैं। उनका कहना है कि जो लोग इसे ‘जुमला’ बता रहे थे, अब उन्हें जवाब देना चाहिए। गांवों के सरपंचों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे अंबाला के भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया है।