लुधियाना | पिछले डेढ़ साल में साइकिलों के फ्री-व्हील बनाने वाली लगभग दर्जनभर कंपनियों को बंद होना पड़ा है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी मुख्य वजह चीन से सस्ते फ्री-व्हील का भारत में आना है, जिससे घरेलू उत्पादक लागत पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे।
स्थानीय उद्योगियों की परेशानी: यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन चरणजीत सिंह विश्वकर्मा और मौजूदा जनरल सेक्रेटरी वरुण कपूर का कहना है कि कंपनियों के बंद होने का मुख्य कारण चीन से सस्ते आयात हैं। घरेलू कंपनियां प्रतिस्पर्धा के चलते अब यूज एंड थ्रो क्वालिटी की साइकिलें ही बना रही हैं, जिससे रिप्लेसमेंट मार्केट में पार्ट्स की कमी हो गई है।
दुकानों पर भी असर: लुधियाना और अन्य शहरों में साइकिल की दुकानें भी बंद हो रही हैं, क्योंकि पार्ट्स रिप्लेसमेंट और रिपेयर के जरिए ही दुकानें चलती थीं। उदाहरण के लिए, दिल्ली के लाजपत राय मार्केट में 120 दुकानों में से अब सिर्फ 30 ही कार्यशील हैं।
नई पीढ़ी का रुख: भारतीय कंपनियां अब फैंसी साइकिल की बजाय टेंडर ऑर्डर पर ध्यान दे रही हैं, जिससे चीन और ताइवान से आने वाली साइकिलें अधिक मात्रा में बाजार में प्रवेश कर रही हैं। नई पीढ़ी व्यवसाय में शामिल होने से कतराने लगी है।
सरकारी मदद की आवश्यकता: उद्योग का मानना है कि यदि GST रिफंड जल्द नहीं दिया गया, तो लुधियाना की बची हुई कंपनियों के लिए भी ताले लगना तय है। वर्तमान में व्यापारियों की कमाई सरकार के पास जमा है और इससे उद्योग की मुश्किलें बढ़ रही हैं।