नई दिल्ली | दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इन दोनों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम – UAPA के तहत मामला दर्ज है। वहीं, दिल्ली दंगों के अन्य पांच आरोपियों को शर्तों के साथ जमानत दे दी गई।
सुप्रीम कोर्ट ने गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद शकील खान और शादाब अहमद की जमानत मंजूर की है, जिन पर 12 सख्त शर्तें लागू की गई हैं। अदालत ने 10 दिसंबर 2025 को सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
दिल्ली दंगे 2020 के दौरान नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में भड़के प्रदर्शन के समय आरोपियों पर सांप्रदायिक तौर पर उकसाने वाले भाषण देने का आरोप है। इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।
आरोपियों का दावा है कि पिछले 5 साल से वे न्यायिक हिरासत में हैं और उनके खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिले हैं। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2025 को सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में न्याय प्रक्रिया की गंभीरता और UAPA के तहत जमानत मामलों में सख्ती को दर्शाता है।