पानीपत। इनेलो के जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी के भाई और नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ रहे जयदीप राठी की 27 दिसंबर को ही अपहरण के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज खुलासे की जानकारी अपहरण के नौवें दिन स्वयं कुलदीप राठी ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह डीएसपी नरेंद्र उनके घर पहुंचे और हत्या की पुष्टि की। हालांकि अब तक जयदीप राठी का शव बरामद नहीं हो सका है।
कुलदीप राठी के अनुसार पुलिस रिमांड के दौरान आरोपितों ने जयदीप की हत्या करने की बात स्वीकार की है। हत्या की खबर सामने आते ही राठी परिवार के घर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें जांच में जुटी हुई हैं और जल्द ही शव की बरामदगी के प्रयास तेज किए जाएंगे।
जयदीप राठी के बेटे प्रतीक ने 27 दिसंबर को थाना सेक्टर-13/17 में अपने पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि जयदीप उस दिन ड्यूटी के लिए घर से निकले थे, लेकिन न तो अस्पताल पहुंचे और न ही वापस लौटे। मोबाइल फोन बंद मिलने पर पुलिस ने सीडीआर खंगाली और बसताड़ा टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज में उनकी कार दिखाई दी।
इसके बाद 29 दिसंबर को प्रतीक ने दूसरी शिकायत देकर आरोप लगाया कि जमीन विवाद के चलते कुछ लोगों ने साजिश रचकर उनके पिता का अपहरण किया है। जांच के दौरान पुलिस ने मामला दर्ज कर अपहरण सहित अन्य गंभीर धाराएं जोड़ीं। पुलिस की पांच टीमें और सोनीपत एसटीएफ इस केस की जांच में लगी हुई हैं।
नामजद शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रीतम, रविंद्र राठी उर्फ रवि, सुनील शर्मा और हरेंद्र राठी को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपितों को अदालत में पेश कर एक दिन का रिमांड लिया गया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद शनिवार को चारों को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
परिजनों ने बताया कि सितंबर 2025 में जयदीप राठी ने पानीपत टोल प्लाजा के बाबरपुर क्षेत्र के पास करीब 2700 गज जमीन खरीदी थी, जिसके लिए 32 लाख रुपये बयाना दिया गया था। जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया चल रही थी, इसी को लेकर विवाद शुरू हो गया था। परिजनों का आरोप है कि यही विवाद हत्या की वजह बना।
स्वजन ने यह भी बताया कि 10 अक्टूबर की रात जयदीप के फार्म हाउस पर 10 से 12 बदमाश पहुंचे थे। इस दौरान एक बदमाश छत से गिर गया था, जिससे वह पकड़ा गया, लेकिन उस समय पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। लापरवाही सामने आने पर एसपी ने थाना प्रभारी बलजीत को लाइन हाजिर कर दिया था।
इधर, इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा दो दिन पहले जयदीप राठी के घर पहुंचे थे और पुलिस व प्रशासन को सख्त अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो चार जनवरी को फतेहाबाद में होने वाली इनेलो की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में इस मामले को लेकर बड़ा निर्णय लिया जाएगा।