Mandi, Dharamveer-:सरदार पटेल यूनिवर्सिटी द्वारा हाल ही में घोषित किए गए सप्लीमेंट्री परीक्षा परिणामों को लेकर छात्र संगठन एनएसयूआई ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते हुए परिणामों में हुई कथित अनियमितताओं को तुरंत सुधारने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि परिणामों में भारी तकनीकी और प्रशासनिक त्रुटियां सामने आई हैं, जिससे बड़ी संख्या में छात्र मानसिक रूप से परेशान हैं।
एनएसयूआई सुंदरनगर के प्रभारी करण सिंह ने बताया कि घोषित परिणामों में कई ऐसे विद्यार्थियों को फेल, अबसेंट या जीरो अंक दर्शाया गया है, जिन्होंने पूरी सप्लीमेंट्री परीक्षा विधिवत रूप से दी थी। संगठन के पास इस संबंध में अनेक छात्रों की शिकायतें पहुंची हैं। कुछ छात्रों का कहना है कि उन्होंने पूरा प्रश्नपत्र हल किया, इसके बावजूद उन्हें परिणाम में अनुपस्थित या शून्य अंक दिखाए गए हैं।करण सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ विद्यार्थी पहले ही पुनर्मूल्यांकन में उत्तीर्ण हो चुके थे, लेकिन सप्लीमेंट्री परीक्षा के परिणाम में उन्हें उसी विषय में दोबारा फेल घोषित कर दिया गया। इसके अलावा, कुछ मामलों में जिन विषयों की सप्लीमेंट्री परीक्षा छात्रों ने दी ही नहीं, उन विषयों में भी अंक काट दिए गए या उन्हें फेल दिखाया गया है। इससे उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और डेटा एंट्री प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
एनएसयूआई ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन से मांग की है कि सभी विवादित विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का तत्काल पुनर्मूल्यांकन कराया जाए और पुनर्मूल्यांकन व सप्लीमेंट्री परिणामों की समग्र समीक्षा की जाए। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन छात्रों को गलती से अबसेंट या जीरो दिखाया गया है, उनकी त्रुटियां तुरंत सुधारी जाएं। साथ ही, चूंकि गलती विश्वविद्यालय स्तर पर हुई है, इसलिए विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार की री-इवैल्यूएशन या री-चेकिंग फीस न ली जाए।एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र ही इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो संगठन छात्रहित में आंदोलन करने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।