गुरुग्राम। कुख्यात गैंगस्टर सुनील उर्फ तोता की अवैध संपत्ति को ध्वस्त करने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम को उस समय बैरंग लौटना पड़ा, जब मौके पर कोर्ट का स्टे ऑर्डर सामने आ गया। तोड़फोड़ की कार्रवाई के लिए पहुंची टीम ने हालात का जायजा लेने के बाद संपत्ति को सील करने का निर्णय लिया और कार्रवाई समाप्त कर लौट गई।
पुलिस और प्रशासन को सूचना मिली थी कि गैंगस्टर सुनील उर्फ तोता की गुरुग्राम में स्थित एक प्रॉपर्टी को अवैध रूप से अपराध की कमाई से खड़ा किया गया है। इसी आधार पर नगर निगम, पुलिस और जीएमडीए की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची थी। हालांकि, कार्रवाई शुरू होने से पहले पता चला कि इस संपत्ति पर पिछले एक वर्ष से कोर्ट का स्टे ऑर्डर लागू है।
नगर निगम की लापरवाही से हुई किरकिरी
बताया गया कि कोर्ट से मिले स्टे ऑर्डर की जानकारी नगर निगम के रिकॉर्ड में मौजूद थी, लेकिन यह सूचना न तो पुलिस और न ही प्रशासनिक अधिकारियों को पहले से दी गई। इस वजह से मौके पर पहुंची टीम को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। करीब एक घंटे तक अधिकारियों ने कानूनी दस्तावेजों की जांच और आपसी मंथन किया।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट और जीएमडीए के नोडल अधिकारी आर.एस. बाठ ने बताया कि रिकॉर्ड एक विभाग से दूसरे विभाग में ट्रांसफर होने के कारण यह स्थिति बनी, जिससे कार्रवाई प्रभावित हुई।
तोड़फोड़ नहीं, प्रॉपर्टी टैक्स बकाया में सीलिंग
चूंकि कोर्ट के आदेश के चलते संपत्ति को ध्वस्त नहीं किया जा सकता था, इसलिए नगर निगम अधिनियम के तहत प्रॉपर्टी टैक्स बकाया और नियम उल्लंघन के आधार पर संपत्ति को सील करने का फैसला लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रॉपर्टी रिहायशी श्रेणी में दर्ज है, लेकिन इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि ग्राउंड फ्लोर पर एक ऑनलाइन ग्रोसरी डिलीवरी कंपनी को किराए पर जगह दी गई थी, जबकि पहली मंजिल पर कमरे बनाकर उन्हें किराए पर उठाया गया था। कार्रवाई के दौरान पहली मंजिल को खाली करा दिया गया, जबकि ग्राउंड फ्लोर को अंदर रखे सामान सहित सील कर दिया गया।
35 संगीन मामलों में आरोपी है गैंगस्टर
एसीपी क्राइम अभिलक्ष जोशी ने बताया कि गैंगस्टर सुनील उर्फ तोता पर हत्या, हत्या के प्रयास समेत 35 से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह फिलहाल भोंडसी जेल में बंद है। पुलिस का उद्देश्य ऐसे अपराधियों की अवैध संपत्तियों को जब्त कर उनकी आर्थिक कमर तोड़ना है।
उन्होंने बताया कि सुनील उर्फ तोता की गुरुग्राम के धनवापुर, सूरत नगर और बजघेड़ा इलाकों में स्थित संपत्तियों को चिन्हित किया गया है, जिनके खिलाफ आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीएलयू और अन्य उल्लंघनों की जांच जारी
अधिकारियों ने बताया कि यह भी जांच की जा रही है कि संबंधित प्रॉपर्टी पर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए सीएलयू (Change of Land Use) की अनुमति ली गई थी या नहीं। इसके अलावा भवन नियमों और नगर निगम एक्ट के अन्य उल्लंघनों को लेकर भी अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।