फरीदाबाद। केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने फरीदाबाद में रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) – VB-GRAMG के नए बिल को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस नए बिल में पुरानी खामियों को दूर करते हुए ग्रामीण जनता को अधिक सुविधाएं देने और व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का काम किया है।
कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि यह बिल विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम है। नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जिससे किसानों और ग्रामीण मजदूरों की आय में सीधा इजाफा होगा।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत जल संचयन, कृषि से जुड़े कार्यों और भूजल स्तर में सुधार को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे गांवों की बुनियादी जरूरतें पूरी होंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा जैसी योजनाओं में पहले बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार होता रहा है। नए बिल के लागू होने के बाद ऐसे भ्रष्टाचार पर पूरी तरह रोक लगेगी। राज्यों के सहयोग से योजना के सभी कार्यों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
उन्होंने बताया कि नए बिल में ग्राम सभा को विशेष अधिकार दिए गए हैं। अब ग्राम सभा यह तय करेगी कि गांव में कौन-कौन से विकास कार्य कराए जाने चाहिए। इससे स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और योजनाएं ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू हो सकेंगी।
कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि विकसित गांव ही विकसित भारत की नींव होते हैं। इसी सोच के साथ सरकार यह बिल लेकर आई है, ताकि ग्रामीण इलाकों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि इस बिल की जानकारी और इसके लाभों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए मंत्री और विधायक खुद ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करेंगे। वे लोगों को इस योजना के फायदों के बारे में बताएंगे और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम व गलत प्रचार का भी जवाब देंगे।