हिसार। प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बादलों की आवाजाही के कारण रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और न्यूनतम तापमान करीब आठ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हालांकि, पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है, जिससे ठंड और कोहरे का प्रकोप बढ़ गया है।
मौसम विज्ञान विभाग ने वीरवार को प्रदेश के तीन जिलों में कोल्ड डे और नौ जिलों में कोल्ड वेव की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही छह जिलों में घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। बुधवार को भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहा। बाहरी इलाकों और हाईवे पर घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। नारनौल में रात का तापमान गिरकर चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
शीत लहर के चलते दिन में भी ठंड का अहसास बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में रात के तापमान में फिर से गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड और बढ़ने की संभावना है। गुरुवार के लिए भी प्रदेश में कोहरे को लेकर ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है।
अलर्ट वाले जिले
- ऑरेंज अलर्ट (कोहरा): अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, सोनीपत और पानीपत
- यलो अलर्ट: पंचकूला, यमुनानगर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी और चरखी दादरी
- कोल्ड डे: झज्जर, रोहतक और जींद
- कोल्ड वेव: महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात, पलवल, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी दादरी
अंगीठी जलाकर सोना बना जानलेवा
ठंड से बचाव के लिए बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोना एक श्रमिक परिवार के लिए घातक साबित हुआ। बिलासपुर थाना क्षेत्र के गांव भोड़ाकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में रहने वाले परिवार के एक कमरे में अंगीठी जलाकर सोने के दौरान दम घुटने से 11 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई, जबकि परिवार के चार अन्य सदस्य बेहोश हो गए।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रहने वाले रविंद्र पिछले सात वर्षों से रिट्रीट सेंटर में कार्यरत हैं और परिवार के साथ वहीं रहते हैं। मंगलवार रात ठंड अधिक होने के कारण उन्होंने कमरे में कोयले की अंगीठी जलाई। बंद कमरे में धुएं से बनी जहरीली गैस (संभावित कार्बन मोनोऑक्साइड) भरने से सभी की तबीयत बिगड़ गई। बुधवार सुबह पड़ोसियों ने परिजनों को अचेत अवस्था में देखा और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने 11 वर्षीय बेटी गुड़िया को मृत घोषित कर दिया, जबकि रविंद्र, उनकी पत्नी मिथलेश और दो बच्चों का उपचार किया गया।
प्रशासन और चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि ठंड से बचाव के लिए बंद कमरों में अंगीठी या किसी भी प्रकार के ईंधन का उपयोग न करें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।