Dharamshala, Rahul-:धर्मशाला में छात्रा मौत मामले की जांच अभी भी जारी है। प्रशासन ने इस घटना की गहनता से पड़ताल के लिए जहां जहां छात्रा का इलाज हुआ उन सभी अस्पतालों से रिपोर्ट इकट्ठा की है और अब एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया जा रहा है। इस मामले में एक प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है और पुलिस तथा यूजीसी की जांच समिति गहनता से मामले की छानबीन कर रही है।
इसी बीच विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। वीरवार को महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास महासभा के पदाधिकारी और बाबा दीप सिंह कालीपुल सेवा संगठन ऊना के सदस्य धर्मशाला डीसी कार्यालय के बाहर पहुंचे और प्रशासन को चेतावनी दी। उनका कहना था कि यदि पंद्रह दिन के भीतर छात्रा को न्याय नहीं मिला तो पंजाब बॉर्डर को बंद कर दिया जाएगा।
महासभा के पदाधिकारी अमित वाल्मीकि ने कहा कि धर्मशाला छात्रा मौत मामले में काफी समय बीत चुका है, लेकिन प्रशासन कार्रवाई करने में देरी कर रहा है। उन्होंने बताया कि छात्रा के माता-पिता से भी आज बातचीत हुई और उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 दिन के भीतर न्याय नहीं मिलने पर महासभा पंजाब बॉर्डर को बंद करने की रणनीति बनाएगी। उन्होंने कहा, “यदि प्रशासन तुरंत कार्रवाई करता तो एक दिन में भी न्याय संभव था। अब प्रदेश सरकार और प्रशासन इसकी पूरी जिम्मेदारी लेंगे।”बाबा दीप सिंह कालीपुल सेवा संगठन ऊना के बलवंत सिंह ने कहा कि वे डीसी कांगड़ा को पत्र देकर न्याय की मांग कर चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पंद्रह दिन में न्याय नहीं मिलने पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी और धर्मशाला से रणनीति तैयार करके पंजाब के विभिन्न इलाकों में प्रदर्शन किया जाएगा। बलवंत सिंह ने कहा, “आज एक छात्रा के साथ यह हुआ है, कल किसी और के साथ भी हो सकता है। यदि दबाव में समझौता किया गया तो अपराध रुकने का नाम नहीं लेगा। हमारी जत्थेबंदियां पूरी तरह से साथ हैं और न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।”प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी है, लेकिन सामाजिक संगठनों की चेतावनी से स्थिति और गंभीर होती दिख रही है।