अंबाला। अंबाला के गांव सपेड़ा में निर्माणाधीन एक्सप्रेस हाईवे और फ्लाईओवर को लेकर किसानों का धरना लगातार जारी है। गांव के रास्ते बंद किए जाने से नाराज किसानों के आंदोलन में गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (चढूनी गुट) के नेता गुरनाम सिंह चढूनी भी शामिल हुए। इस दौरान नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सहित अन्य अधिकारी और अंबाला छावनी के डीएसपी रमेश कुमार भी मौके पर मौजूद रहे।
अंबाला–शामली रोड को एक्सप्रेस वे घोषित किए जाने के बाद गांव सपेड़ा सहित आसपास के कई गांवों की एंट्री बंद कर दी गई है। इसी के विरोध में किसान पिछले करीब एक महीने से निर्माणाधीन सपेड़ा फ्लाईओवर के पास धरना दे रहे हैं और निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है। किसानों का कहना है कि एक्सप्रेस हाईवे पर गांव की एंट्री बंद होने से उन्हें रोजमर्रा की आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धरना स्थल पर पहुंचकर किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने NHAI अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया और निर्माण में खामियों को लेकर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्लाईओवर के नीचे सड़क निर्माण से पानी निकासी की गंभीर समस्या पैदा होगी। चढूनी ने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पुल की ऊंचाई 18 फीट होनी चाहिए थी, लेकिन इसे केवल 9 फीट रखा गया है, जो पूरी तरह गलत है।
मीडिया से बातचीत में गुरनाम सिंह चढूनी ने NHAI अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रास्ते बंद करना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। चढूनी ने बताया कि वे इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलने का समय मांगेंगे और किसानों के हित में समाधान की मांग करेंगे।
उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 30 जनवरी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसान आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया जा सकता है। किसानों ने भी प्रशासन से मांग की कि गांवों की एंट्री बहाल की जाए और निर्माण कार्य में स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखा जाए।