सोनीपत। इनेलो जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी के भाई डॉ. जयदीप राठी की हत्या के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। रिमांड पर चल रहे आरोपी जसवंत उर्फ जस्सी ने पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे किए हैं। हालांकि, अब तक पुलिस को शव के अवशेष बरामद नहीं हो सके हैं, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि 2600 वर्ग गज जमीन के समझौते को लेकर हुई बहस के दौरान यह वारदात अंजाम दी गई। आरोपी जस्सी ने बताया कि कार की पिछली सीट पर बैठे जलजीत उर्फ भोला ने देशी पिस्तौल से डॉ. जयदीप राठी को गोली मार दी थी। गोली लगने से जयदीप की मौके पर ही मौत हो गई।
चलती कार में की गई थी हत्या
पुलिस के अनुसार, यह हत्या चलती कार के अंदर की गई थी। इसके बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे जला दिया और अवशेष कुरुक्षेत्र की नरवाना ब्रांच नहर में फेंक दिए। पुलिस ने नहर में करीब दो किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। गुरुवार को भी तलाशी अभियान जारी रहा।
27 दिसंबर को हुआ था अपहरण
डॉ. जयदीप राठी को 27 दिसंबर को अपहरण कर गोली मारकर हत्या की गई थी। उनके शव को जलाने के बाद अवशेष कुरुक्षेत्र के ईस्माइलाबाद थाना क्षेत्र में शाहाबाद-नलवी से ठोल जाने वाली सड़क के पास बहने वाली नरवाना ब्रांच नहर में फेंके गए थे। इस मामले में पुलिस ने आरोपी जसवंत उर्फ जस्सी को आठ दिन के रिमांड पर लिया हुआ है।
पंजाब के जीरकपुर में रची गई साजिश
रिमांड के दौरान जस्सी ने बताया कि पूरी साजिश के तहत जयदीप को जमीन समझौते के बहाने पंजाब के जीरकपुर बुलाया गया था। कोहिनूर ढाबे पर मिलने के बाद जस्सी ने उन्हें अपनी कार में बैठा लिया। कार में आगे जस्सी ड्राइविंग सीट पर था, बगल में जयदीप बैठे थे, जबकि पीछे की सीट पर जलजीत उर्फ भोला और गुरदर्शन मौजूद थे।
बरवाला की ओर लौटते समय जमीन पर कब्जा छोड़ने को लेकर बातचीत शुरू हुई, जो जल्द ही बहस में बदल गई। इसी दौरान आरोपियों ने डॉ. जयदीप राठी की गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में शव को जला कर नहर में फेंक दिया।
पुलिस फिलहाल फरार आरोपी जलजीत उर्फ भोला की तलाश में जुटी हुई है और मामले की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है।