पंचकूला | पंचकूला नगर निगम चुनाव की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं और कई पुराने पार्षदों के चुनाव लड़ने के रास्ते प्रभावित हुए हैं। कुल 20 वार्डों में से 9 वार्ड महिला, अनुसूचित जाति (एससी) और पिछड़ा वर्ग (बीसी) के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि 11 वार्ड सामान्य श्रेणी में हैं, जहां महिला और पुरुष दोनों चुनाव लड़ सकते हैं।
आरक्षण प्रक्रिया के बाद कई राजनीतिक नेताओं और उम्मीदवारों की रणनीति बदलनी शुरू हो गई है। कुछ वार्डों का महिला, एससी या बीसी के लिए आरक्षित होना पुराने पार्षदों के लिए चुनौती बन गया है। वहीं राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवार नए समीकरणों के अनुसार टिकट और समर्थन जुटाने में जुट गए हैं।
नगर निगम पंचकूला के कुल 20 वार्डों में से 9 वार्ड महिला, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग श्रेणी के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि 11 वार्ड सामान्य श्रेणी में रखे गए हैं। इस बदलाव के बाद कई मौजूदा पार्षदों और संभावित उम्मीदवारों की चुनावी रणनीति बदलनी शुरू हो गई है।
कई पुराने पार्षदों के वार्डों में भी बड़े बदलाव हुए हैं। वार्ड नंबर 1 और 2 भाजपा पार्षदों के लिए महिला आरक्षित हो गए हैं। वहीं, पहले महिला आरक्षित रहे वार्ड नंबर 3 और 4 अब सामान्य श्रेणी में आ गए हैं। वार्ड नंबर 6, जो सेक्टर-16, 17 और 18 को मिलाकर बनाया गया है, सामान्य श्रेणी में रखा गया है। पूर्व का वार्ड नंबर 6, जो अब वार्ड नंबर 7 बन चुका है, अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है।
अन्य वार्डों में भी बदलाव हुए हैं। वार्ड नंबर 8 अब जनरल कैटेगरी में रखा गया है। वार्ड नंबर 12 को ओपन कैटेगरी में शामिल किया गया है। वार्ड नंबर 15 महिला आरक्षित हो गया, जबकि वार्ड नंबर 16 एससी महिला के लिए आरक्षित है। वार्ड नंबर 17 अनुसूचित जाति के लिए, वार्ड नंबर 18 पिछड़ा वर्ग-बी, और वार्ड नंबर 19 पिछड़ा वर्ग-ए के लिए आरक्षित किए गए हैं। वार्ड नंबर 20 सामान्य श्रेणी में ही रखा गया है।
वार्ड आरक्षण के बाद कई दिग्गज नेताओं और मौजूदा पार्षदों की चुनावी संभावनाओं पर असर पड़ा है। आने वाले दिनों में पंचकूला की राजनीति और गर्माने के आसार हैं, क्योंकि सभी राजनीतिक दल और उम्मीदवार नए समीकरणों के अनुसार रणनीति बनाने में जुटे हैं।