कैथल I जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने मनरेगा योजना के नाम को ‘वीबी जी रामजी’ करने और उसमें किए गए बदलावों को लेकर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रेस वार्ता को पूर्व मंत्री करन दलाल, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान और जिला अध्यक्ष नेत्रपाल अधाना ने संबोधित किया।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान ने कहा कि भाजपा भगवान श्रीराम की ठेकेदार नहीं है, श्रीराम देश के हर नागरिक के हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने मनरेगा का नाम भले ही न बदला हो, लेकिन योजना को पूरी तरह से खत्म करने का काम कर दिया है। उदयभान ने कहा कि यह योजना अब ‘राम नाम सत्य’ की स्थिति में पहुंचा दी गई है।
कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर उदयभान ने स्पष्ट किया कि यह यात्रा कांग्रेस की नहीं, बल्कि एक व्यक्ति विशेष की निजी यात्रा है, जिसका पार्टी से कोई सीधा सरोकार नहीं है।
इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने ऐलान किया कि मनरेगा के नाम और उसमें किए गए बदलावों के विरोध में पार्टी 11 जनवरी से 29 जनवरी तक चरणबद्ध आंदोलन करेगी। 11 जनवरी को गांधी आश्रम में एक दिवसीय उपवास रखा जाएगा, जबकि 12 से 29 जनवरी तक गांवों और वार्डों में जाकर जनता को बताया जाएगा कि किस तरह भाजपा सरकार ने मनरेगा के तहत मिलने वाले रोजगार को कमजोर किया है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा योजना ने 2006 से अब तक 180 करोड़ से अधिक कार्य दिवस उपलब्ध कराए और कोविड काल में 4.6 करोड़ परिवारों को रोजगार देकर गरीबों के लिए नकद आय, बच्चों की पढ़ाई, राशन और इलाज का सहारा बनी। लेकिन अब किए गए बदलावों से काम का अधिकार खत्म हो जाएगा, कानूनी गारंटी समाप्त होगी और मजदूरी सरकार अपनी मर्जी से तय करेगी, जिससे ग्राम पंचायतों की भूमिका भी कमजोर हो जाएगी।
पूर्व मंत्री करन दलाल ने आरोप लगाया कि यह बदलाव जनता को लूटने का नया तरीका है। उन्होंने कहा कि अब पंचायतों और जिलों के डिप्टी कमिश्नर, भाजपा नेताओं और विधायकों को जो रिश्वत देगा, उसे ही काम मिलेगा।
प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष नेत्रपाल अधाना ने भी भाजपा सरकार पर गरीब विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक मनरेगा के मुद्दे पर संघर्ष जारी रखेगी।