पंचकूला | हरियाणा के पंचकूला में प्रदेश भर से मिड-डे मील वर्कर शिक्षा सदन का घेराव करने के लिए पहुंचीं। सेक्टर-5 के धरना ग्राउंड में वर्करों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस धरने का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष राजरानी कर रही हैं। उनका कहना है कि उनकी मांगों पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
प्रदेश अध्यक्ष राजरानी ने बताया कि वर्करों की 13 महत्वपूर्ण मांगें हैं। इनमें सबसे बड़ी मांग बकाया वेतन का तत्काल भुगतान कराने की है। इसके अलावा, स्कूल मर्जर के समय मिड-डे मील वर्करों को हटाने की प्रथा को बदलकर उन्हें अन्य स्कूलों में शिफ्ट किया जाना चाहिए। वर्तमान में वर्करों को केवल 10 महीने का वेतन दिया जाता है, जबकि उनका पूरा 12 माह का वेतन मिलने की भी मांग है।
वर्करों का कहना है कि मिड-डे मील का वेतन बढ़ाकर 26,000 रुपए किया जाए और कुक का वेतन हर माह 7 तारीख तक उनके पर्सनल खाते में जमा कराया जाए। सेवानिवृत्त वर्करों को 2 लाख रुपए वेतन प्रदान किया जाना चाहिए। इसके अलावा, वेतन भत्तों को सालाना 2,000 रुपए करने और किसी दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपए का मुआवजा देने की भी मांग की गई है।
वर्कर यह भी चाहते हैं कि स्कूल मर्जर की प्रक्रिया बंद की जाए और पूरे प्रदेश में वर्करों को साल में 2 दिन मेडिकल चेकअप की सुविधा प्रदान की जाए। साथ ही, मिड-डे मील का लाभ 12वीं कक्षा तक के बच्चों तक पहुंचाया जाए और वर्करों को पीएफ और ईएसआई के दायरे में लाया जाए।
धरने को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया और वर्करों को शिक्षा सदन तक जाने से रोका। पुलिस ने बातचीत का विकल्प भी प्रस्तावित किया। वर्करों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे और भी बड़े आंदोलन पर उतरेंगे। उनका कहना है कि उनकी सेवा के बावजूद वेतन और सुविधाओं में अनियमितताएं बनी हुई हैं और सरकार से न्याय की उम्मीद है।