सोनीपत I सोनीपत जिले के गोहाना में सामने आए नकली देशी घी प्रकरण में पुलिस विभाग पर गाज गिरी है। मामले में लापरवाही और निष्पक्ष जांच न करने के आरोपों के चलते गोहाना थाने के SHO और एक ASI को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।
बताया जा रहा है कि नकली घी के इस मामले में शुरूआती जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं। आरोप है कि कुछ संदिग्धों के नाम जानबूझकर केस से बाहर रखे गए और मामले को कमजोर करने की कोशिश की गई। इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि SIT अब इस पूरे प्रकरण की नए सिरे से जांच करेगी। इसमें नकली घी की सप्लाई चेन, आरोपियों की भूमिका और जांच में हुई लापरवाही के हर पहलू की पड़ताल की जाएगी। जांच में यदि और अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए गए, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने साफ किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट जैसे गंभीर मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम जनता की सेहत से जुड़े इस मामले में दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने के लिए जांच को पारदर्शी और निष्पक्ष रखा जाएगा।जिले के गोहाना में सामने आए नकली देशी घी प्रकरण में पुलिस विभाग पर गाज गिरी है। मामले में लापरवाही और निष्पक्ष जांच न करने के आरोपों के चलते गोहाना थाने के SHO और एक ASI को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।
बताया जा रहा है कि नकली घी के इस मामले में शुरूआती जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं। आरोप है कि कुछ संदिग्धों के नाम जानबूझकर केस से बाहर रखे गए और मामले को कमजोर करने की कोशिश की गई। इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि SIT अब इस पूरे प्रकरण की नए सिरे से जांच करेगी। इसमें नकली घी की सप्लाई चेन, आरोपियों की भूमिका और जांच में हुई लापरवाही के हर पहलू की पड़ताल की जाएगी। जांच में यदि और अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए गए, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने साफ किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट जैसे गंभीर मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम जनता की सेहत से जुड़े इस मामले में दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने के लिए जांच को पारदर्शी और निष्पक्ष रखा जाएगा।