नारनौल | महेंद्रगढ़ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी सुधार की पहल के तहत कनीना और अटेली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में अब ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित की गई है। इसके चलते गंभीर रोगियों और सिजेरियन सेक्शन के मरीजों को अब रक्त के लिए नारनौल या रेवाड़ी दौड़ने की जरूरत नहीं होगी।
इन दोनों केंद्रों में ब्लड स्टोरेज यूनिट जुड़ने से सड़क हादसे, जटिल प्रसव और सर्जरी के दौरान समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे संभावित मौतों में कमी आएगी। जिले में वर्तमान में चार फंक्शनल रिस्क्ड एंबुलेंस यूनिट (FRU) केंद्र नारनौल, महेंद्रगढ़, कनीना और अटेली में संचालित हैं।
अटेली सीएचसी में सिजेरियन सेक्शन के माध्यम से सफल प्रसव शुरू हो चुके हैं। ब्लड स्टोरेज यूनिट जुड़ने से ये दोनों केंद्र अब वास्तविक आपात चिकित्सा केंद्र के रूप में काम करेंगे। जिले में इससे पहले ब्लड बैंक केवल नारनौल में और ब्लड स्टोरेज यूनिट महेंद्रगढ़ में संचालित था।
स्वास्थ्य विभाग ने दोनों केंद्रों के लिए लगभग 10 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए हैं। इनमें रेफ्रिजरेटर, डीप फ्रीजर, ब्लड बैंक मॉनिटरिंग सिस्टम और अन्य जरूरी मशीनें शामिल हैं। इन उपकरणों के माध्यम से रक्त को सुरक्षित रूप से स्टोर किया जाएगा और जरूरत पड़ते ही तुरंत मरीज को उपलब्ध कराया जाएगा।
फिलहाल, ब्लड स्टोरेज यूनिट का संचालन करने वाले डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और लैब तकनीशियनों का प्रशिक्षण फरवरी में राज्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद यूनिट का औपचारिक संचालन शुरू हो जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एफआरयू, सिजेरियन सुविधा और ब्लड स्टोरेज यूनिट के साथ कनीना और अटेली अब जिले के ग्रामीण अंचलों के लिए जीवन रक्षक केंद्र बन जाएंगे। इससे सैकड़ों परिवारों को समय पर इलाज मिलने की संभावना बढ़ जाएगी और नई जिंदगी मिलने की उम्मीद भी मजबूत होगी।