Shimla,Sanju-:हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर दिए गए अपने बयान को लेकर साफ कर दिया है कि वह अपने रुख से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री होने के नाते उनकी पहली जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश के लोगों और उनके अधिकारों की रक्षा करना है। प्रदेश के संसाधनों पर किसी भी तरह की बंदरबांट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश देश के संघीय ढांचे का अभिन्न हिस्सा है और अन्य राज्यों से आने वाले अधिकारियों का स्वागत है, लेकिन यह स्वीकार्य नहीं है कि कोई अधिकारी प्रदेश के हितों को नुकसान पहुंचाए। उन्होंने कहा कि वह सीधे तौर पर हिमाचल की जनता के प्रति जवाबदेह हैं और जनता के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे।लोक निर्माण मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी बजट और संसाधनों की बंदरबांट में संलिप्त हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मंडी में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी अधिकारियों के खिलाफ जो टिप्पणी की थी, उसमें तथ्य मौजूद हैं और यह बयान बिना वजह नहीं दिया गया।
विक्रमादित्य सिंह ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि ऐसे मामले सामने आते हैं तो संबंधित अधिकारियों के नाम सार्वजनिक किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उचित समय आने पर वह इस मुद्दे को सही मंच पर उठाएंगे। मंत्री ने दोहराया कि हिमाचल प्रदेश के प्राकृतिक और आर्थिक संसाधन प्रदेश के लोगों के हैं और अगर कोई भी इनके हक छीनने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई जाएगी।