नई दिल्ली | भारत के लाखों वरिष्ठ नागरिकों के लिए अच्छी खबर है। अब कर्मचारी पेंशन योजना (EPS‑95) से जुड़े पेंशनभोगियों को अपनी पेंशन जारी रखने के लिए बैंक या सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने और लंबी लाइनों में खड़ा होने की जरूरत नहीं होगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (IPPB) के साथ मिलकर ‘मुफ्त डोरस्टेप सेवा’ शुरू की है, जिसके तहत डाकिया सीधे आपके घर आकर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा करेगा।
यह पहल किसके लिए है और कैसे काम करेगी
यह सेवा खास तौर पर EPS‑95 के लगभग 78 लाख पेंशनभोगियों के लिए शुरू की गई है। इसमें पेंशनभोगियों को कोई शुल्क नहीं देना होगा; पूरा खर्च EPFO वहन करेगा। पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक आपके घर आकर फेस स्कैन या फिंगरप्रिंट के जरिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करेंगे और आपका लाइफ सर्टिफिकेट तुरंत जेनरेट कर देंगे।
घर आने वाला डाक विभाग का प्रतिनिधि पहले यह सुनिश्चित करेगा कि आपका DLC जमा करने का समय आ गया है या अगले 30 दिनों में होने वाला है। इसके बाद आधार कार्ड में दर्ज नाम और जन्मतिथि का मिलान पेंशन रिकॉर्ड से किया जाएगा। सफल बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद DLC सीधे EPFO के सिस्टम में अपडेट हो जाएगा। EPS पेंशनभोगियों के लिए यह सर्टिफिकेट जमा करने की तारीख से एक साल तक मान्य रहेगा।
घर पर डाकिया बुलाने का तरीका
यदि आप इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसके लिए कई विकल्प हैं:
- हेल्पलाइन नंबर: IPPB कस्टमर केयर नंबर 033‑22029000 पर कॉल करके रिक्वेस्ट दर्ज कराएं।
- पोस्ट इंफो ऐप: अपने स्मार्टफोन में ‘Post Info’ ऐप डाउनलोड करके ‘Doorstep Request’ बुक करें।
- स्थानीय संपर्क: अपने नजदीकी डाकघर, डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक से संपर्क करें।
- वेबसाइट: सफल पंजीकरण के बाद आप अपना सर्टिफिकेट jeevanpramaan.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं।
बुजुर्गों के लिए क्यों है यह वरदान
भारत में ऐसे लाखों बुजुर्ग हैं जो चलने‑फिरने में असमर्थ हैं या स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं कर पाते। पहले उन्हें डर रहता था कि समय पर लाइफ सर्टिफिकेट जमा न करने पर उनकी पेंशन रुक जाएगी। अब उन्हें इसके लिए किसी रिश्तेदार या बच्चे पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं। EPS‑95 योजना के तहत पेंशनभोगी साल के किसी भी महीने में अपना सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं। नई फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT) के जरिए बिना किसी मशीन या अतिरिक्त उपकरण के पहचान सुनिश्चित की जा रही है।
यह पहल बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए राहत और सुविधा का नया युग लेकर आई है, जिससे उनकी पेंशन निर्बाध रूप से जारी रहेगी और जीवन आसान बनेगा।