अमृतसर | पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज श्री अकाल तख्त साहिब में अपना स्पष्टीकरण देने पहुंचे। यह कदम उन आपत्तिजनक बयानों और गोलक सहित अन्य सिख मामलों से संबंधित वीडियो को लेकर जत्थेदारों द्वारा तलब किए जाने के बाद आया। मुख्यमंत्री मान सचिवालय में पांच सिख जत्थेदारों के समक्ष पेश हुए और अपना पक्ष रखा।
पेशी के बाद, जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्यमंत्री ने गोलक से जुड़े मामले पर अपने स्पष्टीकरण के साथ-साथ सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर भी अपने दृष्टिकोण साझा किए। उन्होंने दो लैब की जानकारी देने का आश्वासन दिया ताकि तथ्यों की जांच की जा सके और वास्तविक स्थिति सामने आए। जत्थेदार ने स्पष्ट किया कि अकाल तख्त साहिब किसी व्यक्ति के खिलाफ वैयक्तिक बैर नहीं रखता और हर मामले को सिख मर्यादाओं और परंपराओं के अनुसार देखा जाता है।
जत्थेदार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सिख सिद्धांतों और मर्यादाओं के प्रति सम्मान दिखाते हुए स्वीकार किया कि कुछ विषयों पर उनके बयान अनुपयुक्त थे। पूरी बातचीत सौहार्दपूर्ण और सम्मानजनक माहौल में हुई। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें भविष्य में सिख मर्यादा और सिद्धांतों पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए।
जानकारी के अनुसार, सीएम मान आज सुबह 11 बजे नंगे पैर और माथा टेकते हुए सचिवालय पहुंचे। अमृतधारी न होने के कारण उन्होंने अकाल तख्त की फसील की जगह सचिवालय में स्पष्टीकरण दिया। उनके साथ दो काले रंग के बैग भी थे।
जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने आगे बताया कि 328 पावन स्वरूपों और बंगे वाले मामलों पर चर्चा हुई, और कई मामलों में सरकार द्वारा जल्दबाजी की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि गाँव और गुरुद्वारा में पवित्र स्वरूपों की सुरक्षा और अखंड पाठ की परंपरा जारी है।