नई दिल्ली | अभिनेता से नेता बने विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म मेकर्स की याचिका खारिज करते हुए उन्हें मद्रास हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई कराने का निर्देश दिया।
फिल्म मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर 9 जनवरी को रिलीज होने वाली फिल्म के लिए तत्काल निर्णय की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामला पहले से ही मद्रास हाईकोर्ट में लंबित है, और 20 जनवरी को सुनवाई निर्धारित है। कोर्ट ने फिल्म मेकर्स को फटकारते हुए स्पष्ट किया कि वे सुप्रीम कोर्ट में सीधे चुनौती नहीं दे सकते थे।
मेकर्स की ओर से एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने बताया कि फिल्म को पूरे भारत में 5000 थियेटर्स में रिलीज किया जाना था, और CBFC ने 10 कट के बाद सर्टिफिकेट देने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि हाईकोर्ट में सुनवाई तय है, तो उसे ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
फिल्म को 18 दिसंबर को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के सामने प्रस्तुत किया गया था। बोर्ड ने कुछ सीन पर आपत्ति जताते हुए 27 कट लगाने का सुझाव दिया था। इसके बाद निर्माताओं ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की, और कोर्ट ने एकल बेंच के माध्यम से फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया। CBFC ने इस फैसले के खिलाफ पुनः याचिका दायर की, जिससे फिल्म की रिलीज टल गई।
यह फिल्म विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही है, और उनके राजनीतिक करियर की नींव रखते हुए यह उनके प्रशंसकों के लिए विशेष महत्व रखती है।