कैथल। लंबे समय से बदहाल सीवरेज व्यवस्था और दूषित पेयजल की समस्या से जूझ रहे कैथल शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। जनस्वास्थ्य विभाग कैथल ने केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत शहर की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया है, जिससे आने वाले समय में स्वच्छ जल आपूर्ति और सुदृढ़ सीवरेज व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन अभिषेक ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की इंजीनियरिंग विंग अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत कैथल शहर में कई अहम परियोजनाओं पर काम कर रही है। योजना के तहत पेयजल लाइनों का सुधार, सीवरेज नेटवर्क का विस्तार, बरसाती पानी की निकासी, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना, उद्योगों से निकलने वाले रासायनिक पानी के उपचार के लिए प्लांट और ट्रीटेड पानी के पुनः उपयोग जैसे कार्य किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि अमृत 2.0 योजना से जुड़ने के बाद शहर और आसपास के कस्बों की लाखों की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा और नागरिकों को स्वच्छ पानी व बेहतर सीवरेज सुविधा उपलब्ध होगी।
दूषित पानी की शिकायतों को लेकर एक्सईएन अभिषेक ने कहा कि आमतौर पर यह समस्या वहां सामने आती है, जहां लोगों के पानी के कनेक्शन खराब हो चुके होते हैं या फिर पाइपलाइन नालियों के पास से गुजर रही होती है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे समय-समय पर अपने पानी के कनेक्शन की जांच करवाते रहें, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या से बचा जा सके।
सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त रखने को लेकर उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा जेटिंग मशीनों के माध्यम से नियमित सफाई करवाई जाती है। सर्दियों के मौसम में पानी की खपत कम होने से सीवरेज पर लोड कम रहता है, इसके बावजूद विभाग लगातार निगरानी रखते हुए सफाई कार्य करवा रहा है।
जनस्वास्थ्य विभाग का दावा है कि आने वाले समय में अमृत 2.0 योजना के तहत किए जा रहे कार्यों से कैथल शहर को सीवरेज और दूषित पानी की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।