हिसार। हिसार के पटेल नगर में शुक्रवार दोपहर लगभग तीन बजे स्थानीय लोगों को आठ मृत बछड़ों के शव मिलते ही हड़कंप मच गया। ये बछड़े कुछ जगहों पर कचरे के ढेर में और कुछ जमीन में दबाए हुए पाए गए। कुत्तों ने इन शवों को बाहर निकाल दिया, जिससे आसपास के लोग और गोरक्षा दल इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान कुछ महिलाओं ने गायों को भगाने का प्रयास किया। इस पर पुलिस ने चार महिलाओं को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद महिलाओं ने बताया कि मृत बछड़े जन्म के समय ही मृत हो गए थे और उन्हें दफनाया गया था। पुलिस ने महिलाओं को बाद में छोड़ दिया।
गोरक्षा दल के सदस्य रोहताश ने बताया कि इलाके में कई गाय और गोवंश बीमार हैं। मौके पर दो बीमार गायों को गोशाला भेजा गया। नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान सुरेंद्र ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और मृत बछड़ों को मिट्टी में दफन किया गया।
पूर्व पार्षद महेंद्र जुनेजा ने कहा कि गायों और बछड़ों को सड़क पर मरने के लिए नहीं छोड़ना चाहिए। उन्हें मौसम की मार से बचाने के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो प्रशासन के पास कार्रवाई का अधिकार है।
इस घटना ने पटेल नगर में गोवंश संरक्षण और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और गोरक्षा दल ने स्थानीय लोगों को चेताया कि ऐसी घटनाओं पर नजर रखें और संदिग्ध या असुरक्षित स्थिति मिलने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।