शिमला। हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लोकतंत्र को सशक्त, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक अनिवार्य प्रक्रिया बताया है। शिमला संसदीय क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि SIR का मुख्य उद्देश्य चुनावी व्यवस्था को मजबूत करना और अनधिकृत रूप से वोट सूची में शामिल घुसपैठियों को बाहर करना है।
डॉ. बिंदल ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है, जो समय-समय पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधार करती रहती है। उन्होंने कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आजादी के बाद से विभिन्न चरणों में यह प्रक्रिया अपनाई जाती रही है। इसके बावजूद कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे पर भ्रम फैलाकर अनावश्यक विरोध कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारत गणराज्य केवल भारतीय नागरिकों के लिए है और संविधान ने मतदान का अधिकार सिर्फ अधिकृत नागरिकों को ही दिया है। लेकिन बीते चार-पांच दशकों में बड़ी संख्या में अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले घुसपैठियों ने गलत तरीकों से अपने वोटर कार्ड और अन्य दस्तावेज बनवा लिए हैं। ऐसे लोग अपनी वोट की ताकत के जरिए चुनाव परिणामों को प्रभावित कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के चलते राष्ट्रहित के साथ समझौता कर रहे हैं। घुसपैठियों को संरक्षण देना, उनके दस्तावेज बनवाने में मदद करना और उनके सहारे सत्ता हासिल करने की कोशिश करना देशहित के विरुद्ध है। डॉ. बिंदल ने कहा कि घुसपैठिए देश के संसाधनों का अनुचित उपयोग करते हैं, जिससे वास्तविक भारतीय नागरिकों के अधिकारों पर सीधा असर पड़ता है।
अंत में उन्होंने समाज और सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि SIR की प्रक्रिया में पूरा सहयोग करें, ताकि केवल अधिकृत भारतीय नागरिकों को ही मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके और लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत हों।