Mandi, 19 January-:मज़दूर संगठन सीटू (CITU) की राज्य कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक मंडी में राज्य प्रधान विजेंद्र मैहरा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, राज्य महासचिव प्रेम गौतम सहित कुलदीप कुमार, भूपेंद्र सिंह, रविंद्र कुमार, जगत राम, स्वदेश ठाकुर और विभिन्न यूनियनों से जुड़े लगभग 45 कमेटी सदस्यों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य वर्ष 2026 के लिए संगठन विस्तार, मज़दूर आंदोलनों को तेज़ करने और आगामी संघर्षों की रणनीति तय करना रहा।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि केंद्र सरकार द्वारा समाप्त किए गए 29 श्रम कानूनों और मनरेगा कानून की बहाली की मांग को लेकर 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल आयोजित की जाएगी। इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए जिला और यूनियन स्तर पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।इसके अतिरिक्त, 8 मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला मज़दूरों के अधिकारों की रक्षा और उनकी लंबित मांगों को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं 23 मार्च शहीदी दिवस के अवसर पर सभी जिलों और यूनियन स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।बैठक में राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड से मज़दूरों के लंबित लाभ जारी न होने पर कड़ा रोष व्यक्त किया गया। इस मुद्दे को लेकर हमीरपुर स्थित श्रमिक कल्याण बोर्ड कार्यालय पर “घेरा डालो-डेरा डालो” आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। आंगनबाड़ी वर्करों की मांगों के समर्थन में 10 जून को शिमला सचिवालय पर विशाल प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया गया।इसके अलावा आउटसोर्स कर्मचारियों, ठेका मज़दूरों, रेहड़ी-फहड़ी श्रमिकों, एनएच व फोरलेन परियोजनाओं, हाइडल प्रोजेक्ट्स, बीआरओ, सफाई, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, औद्योगिक और सीमेंट उद्योगों से जुड़े मज़दूरों की मांगों को लेकर आंदोलन विकसित करने का निर्णय लिया गया।बैठक में यह भी तय किया गया कि सीटू वर्ष 2026 में प्रवासी, ठेका, आउटसोर्स और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव मज़दूरों को संगठित करने को प्राथमिकता देगा। साथ ही बिजली के नए मीटर लगाए जाने के विरोध में भी राज्यव्यापी अभियान चलाया जाएगा।