नारनौल। हरियाणा में आवारा और बेसहारा पशुओं के हमलों से होने वाली मौतों व गंभीर हादसों को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब ऐसे मामलों में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में पीड़ित परिवारों को दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह फैसला खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती पशु हमलों की घटनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को लघु सचिवालय, नारनौल में अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र मामलों में पीड़ित परिवारों को बिना किसी देरी के लाभ पहुंचाया जाए।
पात्रता और शर्तें स्पष्ट
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि योजना का लाभ केवल हरियाणा के स्थायी निवासियों को मिलेगा, जिनका नाम परिवार पहचान पत्र (PPP) में दर्ज है। साथ ही, यह भी अनिवार्य है कि पशु हमला हरियाणा की सीमा के भीतर हुआ हो। योजना पालतू नहीं, बल्कि आवारा और बेसहारा पशुओं पर लागू होगी। इसमें गाय, बैल, कुत्ता, नीलगाय, गधा सहित अन्य पशुओं के काटने या हमले से हुई दुर्घटनाएं शामिल हैं।
मृत्यु और दिव्यांगता पर आर्थिक सहायता
योजना के तहत मृत्यु या 70 प्रतिशत से अधिक स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में पीड़ित या उसके आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी मामलों का निपटारा समयबद्ध, पारदर्शी और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय रहते राहत मिल सके। घायल होने की स्थिति में सभी आयु वर्गों के लिए 10,000 रुपये की सहायता का प्रावधान है।
आयु के अनुसार मुआवजा राशि
- 12 वर्ष तक: 1 लाख रुपये
- 12 से 18 वर्ष: 2 लाख रुपये
- 18 से 25 वर्ष: 3 लाख रुपये
- 25 से 45 वर्ष: 5 लाख रुपये
- 45 वर्ष से अधिक: 3 लाख रुपये
ऑनलाइन आवेदन, 90 दिन की समय सीमा
पीड़ित परिवार दयालु-2 योजना के ऑनलाइन पोर्टल पर सीधे आवेदन कर सकते हैं। आवेदन स्वीकृत होने के बाद सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। हादसे की तिथि से 90 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। कुत्ते के काटने के मामलों में दांतों के निशानों के आधार पर विशेष सहायता का भी प्रावधान किया गया है।
बैठक में एसडीएम महेंद्रगढ़ कनिका गोयल, एसडीएम नारनौल अनिरुद्ध यादव, एसडीएम नांगल चौधरी उदय सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।