Mandi, Dharamveer-:मंडी जिला की बल्ह घाटी में राजस्व विभाग द्वारा जमीनों की पैमाइश न हो पाने से किसानों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। डडौर वार्ड के किसानों ने हिमाचल किसान यूनियन के बैनर तले जिला उपायुक्त मंडी को एक ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द नया पैमाइश लठ्ठा उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि वर्षों पुराना पैमाइश लठ्ठा पूरी तरह से फट चुका है, जिस कारण उनकी जमीनों की सही निशानदेही संभव नहीं हो पा रही है।
किसानों ने बताया कि संबंधित मुहाल का पैमाइश लठ्ठा करीब दस साल पहले ही खराब होना शुरू हो गया था। समय के साथ उसकी हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि उसमें लिखे शब्द तक अब पढ़े नहीं जा सकते। इसका सीधा असर जमीनों की पैमाइश, इंतकाल, सीमांकन और अन्य राजस्व कार्यों पर पड़ रहा है। कई किसान लंबे समय से अपने काम पूरे होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन पैमाइश के अभाव में सभी प्रक्रियाएं अटकी हुई हैं।
हिमाचल किसान यूनियन के उपाध्यक्ष देवी रूप सैनी और वार्ड के पूर्व पार्षद आलमू राम ने बताया कि जब किसान राजस्व विभाग के अधिकारियों के पास निशानदेही के लिए जाते हैं तो उन्हें फटे हुए लठ्ठे का हवाला देकर लौटा दिया जाता है। इससे किसानों को मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।किसानों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि राजस्व विभाग को शीघ्र नया पैमाइश लठ्ठा उपलब्ध कराया जाए, ताकि लंबित मामलों का निपटारा हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे।गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में जमीन की पैमाइश के लिए पारंपरिक माप इकाई ‘लठ्ठा’ का उपयोग किया जाता है, जिसकी लंबाई और चौड़ाई क्षेत्र विशेष के अनुसार निर्धारित होती है। ऐसे में इसका सही और सुरक्षित होना बेहद जरूरी है।