अंबाला। बलदेव नगर थाने में खड़ी कार में हुए धमाके के मामले में पुलिस को प्रारंभिक जांच में अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं। हालांकि विस्फोटक के नमूने करनाल स्थित मधुबन फोरेंसिक साइंस लैब भेजे गए हैं और अंतिम पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। इस सनसनीखेज मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
गिरफ्तार आरोपियों में फिरोजपुर के गांव फत्तूवाला निवासी सौरभ और आकाश नामक दो सगे भाई शामिल हैं। यह गांव पाकिस्तान सीमा से महज आठ किलोमीटर दूर है और पहले भी इस क्षेत्र में ड्रोन के जरिये नशा, हथियार और विस्फोटक सामग्री आने के मामले सामने आ चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि विस्फोटक सामग्री भी ड्रोन के माध्यम से लाई गई हो सकती है। फिलहाल पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसने विस्फोटक को झाड़ियों में छिपाया था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी आपसी संपर्क के लिए सिग्नल ऐप का इस्तेमाल करते थे, ताकि बातचीत गोपनीय रहे। चौथे आरोपी रमन से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार रमन के खिलाफ पहले से अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज है और वह हथियार हासिल करने की फिराक में था। इसी चाहत में वह साजिशकर्ताओं के हाथों मोहरा बन गया।
पूछताछ में सामने आया कि रमन ने सौरभ और आकाश के खातों में पैसे डाले थे, ताकि एक कार खरीदी जा सके और उसे बलदेव नगर थाने में खड़ा किया जाए। सूत्रों के मुताबिक रमन चिकन की दुकान चलाता है और उसकी किसी व्यक्ति से पुरानी रंजिश थी। वह इलाके में दहशत फैलाकर सामने वाले को डराना चाहता था, इसी मंशा से उसने इस साजिश में भूमिका निभाई।
पूरा मामला
10 जनवरी को बलदेव नगर थाने के परिसर में एक मारुति कार खड़ी की गई थी। कार में छह-छह किलो के सिलिंडर रखे थे, जिनमें गैस के साथ विस्फोटक सामग्री भी मौजूद थी। योजना कार में आग लगाकर सिलिंडरों के जरिये बड़ा धमाका करने की थी। हालांकि समय रहते कार से धुआं उठता देख सुरक्षाकर्मी सतर्क हो गए और बड़ा हादसा टल गया।
इसके बाद पुलिस ने कार खड़ी करने वाले की तलाश शुरू की। जांच में पटियाला निवासी कर्मजीत पकड़ा गया, जिसने बताया कि कार खड़ी करने के बदले उसे 30 हजार रुपये देने की बात हुई थी। आगे की जांच में फिरोजपुर के सौरभ और आकाश तथा जम्मू निवासी रमन की भूमिका सामने आई।
संवेदनशील इलाका
फिरोजपुर का फत्तूवाला गांव पाकिस्तान सीमा के बेहद नजदीक है और यहां ड्रोन के जरिये अवैध गतिविधियों के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में यह इलाका सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।
जांच जारी
एसपी अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि मामले की जांच जारी है। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद विस्फोटक की प्रकृति पर स्थिति स्पष्ट होगी। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई और किसने उसे छिपाया था।