चंडीगढ़।हरियाणा सरकार की चिराग योजना के तहत दाखिले से वंचित रह गए विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने योजना का चेकिंग पोर्टल दोबारा खोलने का निर्णय लिया है, ताकि पात्र छात्र अपने अधूरे दस्तावेज अपलोड कर योजना का लाभ ले सकें। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार चिराग योजना का पोर्टल 23 जनवरी से 30 जनवरी तक फिर से खोला जाएगा। इस अवधि में छात्र अपनी दसवीं कक्षा की मार्कशीट सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे। विभाग ने बताया कि चालू शैक्षणिक सत्र में दसवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम देरी से घोषित हुआ था, जिसके चलते कई विद्यार्थी निर्धारित समय सीमा में अपने दस्तावेज अपलोड नहीं कर पाए थे।
जानकारी के मुताबिक, चिराग योजना के तहत दाखिले की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तय थी, जबकि दसवीं कक्षा का परिणाम 15 जून को जारी हुआ। इस कारण बड़ी संख्या में पात्र छात्र योजना के अंतर्गत समय पर आवेदन नहीं कर सके। अब ऐसे छात्र, जिन्होंने 15 जुलाई तक 11वीं कक्षा में दाखिला ले लिया था लेकिन चिराग योजना के तहत उनका डेटा पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पाया, उन्हें दोबारा अवसर दिया जाएगा।
शिक्षा निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि 276 निजी स्कूलों को कुछ कक्षाओं के लिए फिलहाल अपात्र माना गया है। इन स्कूलों द्वारा मान्यता से संबंधित पूरे दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए थे। कई निजी स्कूल सीनियर सेकेंडरी तक मान्यता प्राप्त होने के बावजूद केवल सेकेंडरी स्तर के दस्तावेज ही अपलोड कर रहे थे। ऐसे सभी स्कूलों को अब अपनी पूरी और सही मान्यता से जुड़े कागजात पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के निजी स्कूलों से समन्वय कर यह सुनिश्चित करें कि पोर्टल खुलने की अवधि के दौरान सभी लंबित दस्तावेज और छात्र विवरण समय पर अपलोड हो जाएं। आदेशों के सख्त अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया है।
शिक्षा विभाग के इस फैसले से छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग ने साफ किया है कि किसी भी पात्र विद्यार्थी को तकनीकी कारणों या समय सीमा की वजह से चिराग योजना के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।