Mandi, Dharamveer-:भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) सुंदरनगर द्वारा टाउनशिप क्षेत्र में वर्षों से संचालित छोटे व्यापारियों को हटाने के लिए जारी किए गए नोटिस के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला। बीबीएमबी सुंदरनगर के एसडीओ एनफोर्समेंट सब-डिवीजन की ओर से जारी इस नोटिस के विरोध में बुधवार को जीरो चौक बाजार पूरी तरह बंद रहा। बाजार बंद के दौरान करीब 250 दुकानदारों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और बीबीएमबी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने बीबीएमबी के इस कदम को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे “तुगलकी फरमान” करार दिया। व्यापारियों का कहना है कि वे दशकों से जीरो चौक क्षेत्र में कारोबार कर अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। अचानक नोटिस जारी कर दुकानों को हटाने की कार्रवाई उनकी रोजी-रोटी पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के चलते पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
विधायक राकेश जंवाल ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा, जल्द समाधान का दिया भरोसा
व्यापारियों के विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही सुंदरनगर विधायक एवं प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जंवाल स्वयं मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। विधायक ने व्यापारियों को शांत करवाते हुए कहा कि बीबीएमबी परियोजना देश के विकास की रीढ़ रही है, लेकिन इसके लिए स्थानीय लोगों ने अपनी जमीनों के साथ-साथ बड़े बलिदान दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट क्षेत्र में आज भी पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, इसके बावजूद वर्षों से काम कर रहे छोटे व्यापारियों को हटाने का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है।राकेश जंवाल ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने स्थानीय प्रशासन और बीबीएमबी प्रबंधन से संवाद किया है। उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान निकाला जाएगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
वहीं बीबीएमबी टाउनशिप व्यापार मंडल के अध्यक्ष अश्विनी सैनी ने बीबीएमबी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी द्वारा “चूज एंड पिक” नीति अपनाई जा रही है, जिसके तहत पहले चरण में 17 दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि आगे और दुकानों को हटाने की तैयारी की जा रही है। अश्विनी सैनी ने बताया कि पिछले करीब 50 वर्षों से व्यापारी इन स्थानों पर दुकानें चलाकर अपने परिवारों का गुजारा कर रहे हैं, लेकिन आज तक बीबीएमबी ने न तो पुनर्वास की कोई नीति बनाई और न ही स्थायी समाधान निकाला।
व्यापार मंडल अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि हिमाचल की भूमि पर बिजली परियोजनाएं स्थापित कर बीबीएमबी अरबों रुपये की कमाई कर रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों और छोटे व्यापारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने मांग की कि बीबीएमबी प्रबंधन तुरंत अपनी नीति स्पष्ट करे और 17 दुकानों को हटाने से संबंधित नोटिस तत्काल वापस ले।