Shimla, Sanju-:यूजीसी संशोधन को लेकर देशभर में जारी विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह संशोधन केंद्र सरकार की मर्जी से नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत लाया गया है। नेगी ने आरोप लगाया कि भाजपा और उससे जुड़े संगठन इस मुद्दे पर जानबूझकर भ्रम फैलाकर माइनॉरिटी विरोधी माहौल बना रहे हैं।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने यूजीसी संशोधन को पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कहा कि इसे किसी समुदाय के खिलाफ बताना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि एबीवीपी के माध्यम से भाजपा इस संशोधन के खिलाफ प्रायोजित आंदोलन करवा रही है, जिससे समाज में नफरत फैलाने की कोशिश हो रही है।नेगी ने कहा कि इस संशोधन से बहुसंख्यक समाज को कोई नुकसान नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अल्पसंख्यक छात्रों को सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से उच्च शिक्षण संस्थानों में माइनॉरिटी छात्रों के साथ भेदभाव होता रहा है, जिसके कारण कई बार हालात बेहद दुखद हो गए। ऐसे में यूजीसी संशोधन को “सौगात” या राजनीतिक हथियार के तौर पर पेश करना पूरी तरह भ्रामक है।
मंत्री ने कहा कि देश को सिर्फ नारों से नहीं, बल्कि व्यवहार से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के छात्रों के साथ देश के कई हिस्सों में होने वाले भेदभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि शक्ल और पहचान के आधार पर हमले देश की एकता के लिए खतरनाक हैं। नेगी ने चेतावनी दी कि भाजपा की संकीर्ण सोच अगर जारी रही तो यह अखंडता के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
केंद्रीय बजट से ज्यादा उम्मीद नहीं, 1 फरवरी को दिखेगा बदलाव या वही पुरानी नीति
केंद्रीय बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार से बहुत अधिक उम्मीद नहीं है, फिर भी 1 फरवरी का इंतजार रहेगा कि हिमाचल प्रदेश के लिए कोई सकारात्मक बदलाव होता है या फिर वही “लकीर के फकीर” वाला रवैया जारी रहता है।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद से केंद्र सरकार हिमाचल के साथ भेदभाव कर रही है। आपदा राहत, जीएसटी हिस्सेदारी और रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट—हर मोर्चे पर प्रदेश को नजरअंदाज किया गया है। वर्ष 2023 और 2025 की आपदाओं के बावजूद हिमाचल को अपेक्षित सहायता नहीं मिली।
नेगी ने कहा कि प्रदेश को विशेष बजटीय सहायता की जरूरत है और उम्मीद जताई कि आने वाले बजट में रेलवे, बागवानी और कृषि के लिए अलग प्रावधान होंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मनरेगा को लगभग कमजोर कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ा है।
इस दौरान मंत्री ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।