फतेहाबाद | हरियाणा के फतेहाबाद जिले में परिवार पहचान पत्र (PPP) में हुई गंभीर तकनीकी और मानवीय त्रुटियों ने सैकड़ों बुजुर्गों की जिंदगी मुश्किल बना दी है। सरकारी रिकॉर्ड में कहीं 65 वर्षीय बुजुर्ग को दो साल का बच्चा दर्ज कर दिया गया, तो कहीं दिव्यांग बच्ची को मजदूर बताकर परिवार की आय लाखों में दिखा दी गई। इन गलतियों का खामियाजा यह हुआ कि बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन और राशन कार्ड तक काट दिए गए।
इन समस्याओं के समाधान के लिए गुरुवार को जिले में आठ स्थानों पर विशेष सुधार कैंप लगाए गए। कैंपों में करीब 2800 लोग पहुंचे, जिनमें से 580 लोगों ने अपने परिवार पहचान पत्र में सुधार के लिए आवेदन किया। सबसे अधिक मामले बुढ़ापा पेंशन रुकने से जुड़े सामने आए। अधिकारियों के अनुसार करीब 350 मामलों में गलत आय, मकान या बिजली कनेक्शन दिखाकर बुजुर्गों को अपात्र घोषित कर दिया गया था।
कैंपों में पहुंचे बुजुर्गों की पीड़ा देखकर कर्मचारी भी असहज नजर आए। अब प्रशासन ने फैसला किया है कि आवेदन मिलने के बाद मौके पर जाकर वेरिफिकेशन किया जाएगा, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। हालांकि एक साथ कैंप लगने से तकनीकी साइट ठप हो गई, जिससे कई लोगों को बिना काम हुए ही लौटना पड़ा।
शहर निवासी सौदागर ने बताया कि उनकी उम्र 65 वर्ष है, लेकिन PPP में उन्हें दो साल का बच्चा दिखा दिया गया। न उनके पास मकान है, न बिजली मीटर, फिर भी सिस्टम में उन्हें सक्षम व्यक्ति बताया गया और पेंशन बंद कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि “दो साल का बच्चा आखिर कमाई कैसे करेगा?”
इसी तरह गुरदयाल अपनी 95 वर्षीय मां और 71 वर्षीय पत्नी के साथ कैंप पहुंचे। परिवार की कोई स्थायी आय नहीं है, लेकिन PPP में वार्षिक आय तीन लाख रुपये दर्ज कर दी गई, जिसके चलते तीनों की पेंशन बंद हो गई। उनका कहना है कि पेंशन ही एकमात्र सहारा थी, जो अब छिन गया है।
सबसे भावुक मामला प्रवीण कुमारी का रहा, जिनकी दिव्यांग पोती को मजदूर दिखाकर परिवार की आय बढ़ा दी गई। गलत आंकड़ों के कारण न सिर्फ पेंशन बंद हुई, बल्कि राशन कार्ड भी काट दिया गया। बुजुर्ग महिला की आंखों से आंसू छलक पड़े, जिन्हें वहां मौजूद लोगों ने ढांढस बंधाया।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों—फतेहाबाद, टोहाना, रतिया, जाखल, भूना सहित अन्य स्थानों पर लगे कैंपों में बुजुर्गों की एक ही मांग रही कि उनकी वास्तविक स्थिति को समझा जाए और पेंशन दोबारा शुरू की जाए। अब प्रशासन ने वेरिफिकेशन के बाद जल्द समाधान का भरोसा दिया है। PPP की एक गलती ने जिन बुजुर्गों से उनका सहारा छीना, अब वे उसी सिस्टम से इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठे हैं।