Shimla, 1 Feburary-:सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और महासचिव प्रेम गौतम ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे पूरी तरह मजदूर, किसान और आम जनता विरोधी बजट बताते हुए कहा कि इसकी दिशा स्पष्ट रूप से पूंजीपति परस्त है।
सीटू नेताओं का कहना है कि यह बजट शहरी मजदूरों, योजना कर्मियों, ग्रामीण व निर्माण मजदूरों, ठेका, आउटसोर्स, कैजुअल, औद्योगिक मजदूरों तथा सार्वजनिक और सेवा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। बजट में नेशनल मॉनिटाइजेशन पाइपलाइन, निजीकरण, नव-उदारीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों को और तेज़ी से लागू करने पर जोर दिया गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि लेबर कोड की आड़ में मजदूर विरोधी नीतियों को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे मेहनतकश वर्ग के अधिकारों पर सीधा हमला हो रहा है। सीटू नेताओं ने कहा कि यह बजट मोदी सरकार की कुछ बड़े व्यापारिक घरानों और अमीर वर्ग के संकीर्ण हितों के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर करता है।उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बताए गए ‘राजकोषीय अनुशासन’ को भी कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यह कॉर्पोरेट और धनी वर्ग को टैक्स में छूट देने का माध्यम बन चुका है, जबकि मेहनतकश जनता के कल्याण से जुड़े खर्चों में लगातार कटौती की जा रही है। बजट में यह स्थिति राजस्व में कमी और सार्वजनिक खर्चों में कटौती के रूप में साफ दिखाई देती है।