चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने बिक्रम सिंह मजीठिया को जमानत मिलने के बाद पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गुरबानी की पंक्तियों के साथ एक वकील का वीडियो साझा करते हुए सरकार की कार्रवाई को कठघरे में खड़ा किया।
हरसिमरत कौर बादल द्वारा साझा किए गए वीडियो में वकील ने मजीठिया के खिलाफ दर्ज मामलों की कानूनी मजबूती पर सवाल उठाए हैं। वीडियो में दावा किया गया है कि सरकार द्वारा लगाए गए आरोपों में तथ्यात्मक आधार कमजोर था, इसी कारण अदालत ने मजीठिया को जमानत प्रदान की।
हरसिमरत कौर बादल ने पोस्ट में लिखा कि “सच्चाई की जीत हुई है” और मुख्यमंत्री भगवंत मान के आरोप बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बार-बार छापेमारी की, लेकिन मजीठिया के घर से कोई अवैध संपत्ति या नकदी बरामद नहीं हुई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस ड्रग्स मामले की बार-बार चर्चा की गई, उसमें न तो कोई नशीला पदार्थ मिला और न ही आरोपों के अनुरूप कोई ठोस सबूत सामने आया।
सांसद ने आगे कहा कि सरकार ने मजीठिया पर 1,000 एकड़ जमीन और 540 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति के दावे किए थे, लेकिन अदालत में पेश चालान में सिर्फ 40 करोड़ रुपये का ही जिक्र किया गया। इनमें से भी अधिकांश संपत्तियां मजीठिया या उनके परिवार की नहीं पाई गईं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने लोन, आय और खेती से होने वाली आमदनी को लेकर 6.5 करोड़ रुपये की कटौती दिखाई, लेकिन अदालत में इन दावों को साबित नहीं कर सकी। हरसिमरत कौर बादल का कहना है कि इन्हीं तथ्यों के अभाव में अदालत ने जमानत दी।
इस बयान के बाद पंजाब की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।